नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव में भाजपा को तीसरी बार केंद्र की सत्ता में आने से रोकने के लिए देश के लगभग सभी बड़े विपक्षी दल INDIA गठबंधन की छतरी के नीचे आ गए है। इसके बावजूद वह प्रधानमंत्री मोदी और BJP को हराने के लिए लगातार अपना कुनबा बढ़ा रहे है।
इस गठबंधन के अगुआ नीतीश कुमार बहुजन समाज पार्टी तो कभी पंजाब में लंबे समय तक भाजपा की सहयोगी रही अकाली दल को साथ लाने की बात करते है तो कभी कोई और नेता किसी दूसरी पार्टियों को गठबंधन में शामिल करने की बात करत है। ताजा मामला महाराष्ट्र का है, जहां बताया जा रहा है कि राज्य की करीब 12 छोटी पार्टियां इंडिया गठबंधन में शामिल हो सकती है।
31 अगस्त से 1 सितंबर तक मुंबई में INDIA गठबंधन की तीसरी बैठक होने जा रही है। इस बैठक से पहले प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने राज्य की छोटी राजनीतिक पार्टियों को 2024 के चुनाव में उनके साथ आने का आह्वान किया था। इन पार्टियों में Peasants & Workers party पार्टी, पूर्व सांसद राजू शेट्टी की स्वाभिमानी शेतकरी संगठन सहित अन्य छोटे दल हैं। महाराष्ट्र के इन 12 छोटे दलों ने MVA से अलग अपना एक ग्रुप बनाया था और बीजेपी के खिलाफ अभियान चला रहे थे।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा के लिए इस बार दिल्ली की राह आसान नहीं है। इसके पीछे कारण है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का पंजाब में अकाली दल, महाराष्ट्र में शिवसेना और बिहार में जनता दल के साथ गठबंधन था। इन तीनों राज्य की राजनीति तीनों दल के आस पास घूमती रही है। लेकिन इस बार इनके साथ न होने का कारण भाजपा के लिए दिल्ली की राह मुश्किल हो गई है। भाजपा संगठन से लेकर हाईकमान तक इस बात को मानता है कि इन तीनों दलों के साथ न रहने के कारण पार्टी को झटका लग सकता है।

