दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : कप्तान रोहित शर्मा के कार्यकाल में एक ऐसा वाकया हो गया है जो पिछले 12 साल से नहीं हुआ था। भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हार गई है। यह घरेलू जमीन पर लगातार तीसरा ऐसा टेस्ट मैच है जिसमें भारतीय टीम को जीत नसीब नहीं हुई है। ऐसा आखिरी बार 2012 में हुआ था।
क्या घरेलू परिस्थितियों में भारत के प्रभुत्व का लंबा दौर समाप्त हो रहा है? घरेलू टेस्ट मैचों में रोहित की कप्तानी विराट कोहली की तुलना में कमजोर साबित हो रही है? चलिए आगे जानते हैं।
विराट कोहली ने 2015 में टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली। 5 नवंबर 2015 को उन्होंने भारतीय जमीन पर पहली बार टेस्ट में टीम की कप्तानी की। उनके कार्यकाल में भारत ने 31 टेस्ट मैच अपनी जमीन पर खेले। इन 31 मैचों में कभी ऐसा नहीं हुआ, जब भारत को लगातार तीन मुकाबलों में जीत न मिली हो।
विराट की अगुआई में भारत का भारत में जीत हासिल न कर पाने का सबसे लंबा दौर 2 टेस्ट मैचों का रहा। मार्च 2017 में एक टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और इसके ठीक बाद एक टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ ड्रॉ रहा था। गौर करने लायक बात यह है कि उन मुकाबलों में भी भारत हारा नहीं था।
विराट कोहली ने 2015 से 2021 तक छह साल घरेलू मैदानों पर कप्तानी की। इस दौरान भारत ने घर में 31 टेस्ट मैच खेले। 24 में टीम को जीत मिली और सिर्फ 2 में हार का सामना करना पड़ा। 5 टेस्ट ड्रॉ रहे। विराट की कप्तानी में घर में इन 2 हार के बीच 4 साल का फासला था।
दूसरी ओर रोहित ने 2022 से टेस्ट में भारतीय जमीन पर भारतीय टीम की कमान संभाली है। उन्होंने यहां 7 टेस्ट में टीम की कमान संभाली। 4 में भारत को जीत मिली है। 2 में हार झेलनी पड़ी और 1 मैच ड्रॉ रहा है। रोहित की कप्तानी में भारत को घर में दो हार 10 महीने के अंदर मिली है।
44 टेस्ट मैच बाद आया ऐसा दौर
घरेलू जमीन पर करीब 12 साल और 44 टेस्ट मैच बाद ऐसा दौर आया है जब भारतीय टीम लगातार तीन टेस्ट मैचों में से एक भी नहीं जीत सकी। पिछला मौका 2012 में आया था। तब भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ ही दो टेस्ट मैचों में हार मिली थी और एक मुकाबला ड्रॉ रहा था। इस बार के तीन ऐसे टेस्ट मैचों में से दो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहे थे। इंदौर टेस्ट में भारत हारा था, जबकि अहमदाबाद टेस्ट ड्रॉ रहा था। अब हैदराबाद में इंग्लैंड ने हमें हरा दिया है।

