- दारोगा सुरेन्द्र भाटी द्वारा आरोपी पर ईंट से किए गए प्रहार की हर कोई कर रहा निंदा, लेकिन क्या पुलिस अधिकारियों के लिए यह सब ठीक
- बलदेव पुलिस द्वारा आरोपी के साथ की गई बर्बरता की वीडियो पर लाखों लोगों ने उठाये पुलिस की कार्यवाही पर सवाल, लेकिन पुलिस अभी गहरी नींद या फिर यह अपराध नहीं
दैनिक उजाला, बलदेव/मथुरा : अक्सर देखने और सुनने में आता है कि कहीं भी अगर किसी पुलिसकर्मी के साथ मारपीट या फिर कोई हमला हो जाय तो, तत्काल पुलिस अधिकारी एक्शन में आ जाते हैं और ताबड़तोड़ दबिश देकर घटना स्थल को हिलाकर रख देते हैं, लेकिन बलदेव पुलिस द्वारा एक आरोपी के साथ की बर्बरता पुलिस अधिकारियों की नजर में अपराध नहीं है या फिर इस अपराध के लिए कोई कानून नहीं है। आखिर क्यों?
आरोपी के साथ पुलिस द्वारा की गयी बर्बरता को कितने दिन बीत गए, लेकिन पुलिस अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। बलदेव पुलिस द्वारा आरोपी पर लगातार किए जा रहे ईंट के प्रहार के हर कोई स्तब्ध है। लाखों लोग दारोगा सुरेन्द्र भाटी द्वारा आरोपी पर किए गए हमले की वीडियो शेयर कर चुके हैं। साथ ही पुलिस बर्बरता की निंदा भी कर चुके हैं। किसी ने लिखा है कि अगर पुलिस पर ऐसा हमला होता तो अब तक पुलिस अधिकारी कुम्भकर्णीय नींद से जाग गए होते। किसी ने लिखा कि इस दारोगा पर तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।
किसी ने लिखा कि क्या आरोपी किसी मां का लाल नहीं था। क्या उसकी पत्नी और बच्चे नहीं थे। ऐसा पुलिस ने सोच कैसे लिया कि आरोपी पर ईंट से बर्बरता की जाय। 6 मिनट से अधिक समय की वीडियो साफ दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार ईंट से आरोपी पर हमला किया गया। किस प्रकार पत्नी और चीख रहे हैं, लेकिन क्या मजाल जो दारोगा या किसी पुलिकर्मी का दिल थोड़ा भी पसीजा हो। हर कोई शर्मनाक बता रहा है।
अब सवाल बस यह उठ रहा है कि आखिर किसी पुलिस अधिकारी का भी अब तक बर्बरता को देख दिल नहीं पसीजा कि लोगों के गुस्सा को शांत करने के लिए दारोगा और पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की जाय, लेकिन नहीं। ऐसा लगता है कि इनके लिए कोई कानून नहीं है। अगर कानून है तो सिर्फ आम जनता के लिए। हम तो ठहरे पुलिसकर्मी कोई क्या बिगाडेगा।
वकीलों में भी है भारी गुस्सा
बीते दिनों आरोपी की शिकायत पर जिला अदालत ने संबंधित दारोगा को तलब किया तो, दारोगा इस दौरान वकीलों का भारी गुस्सा झेलना पड़ा। इसके बावजूद भी पुलिस अधिकारी नहीं चेते और न ही कोई कार्यवाही अमल में लायी गयी।
