लखनऊ : लखनऊ के चारबाग में रविवार रात एक युवक का कंधा सिपाही से टकरा गया। इसके बाद सिपाही भड़क गया। उसे साथी सिपाही के साथ बाइक से जबरन उठाकर 35वीं वाहिनी PAC ले आया। यहां बैरक में बंद कर पुलिसकर्मियों के साथ उसे पीटा और बाल भी काटे।
जब युवक ने FIR कराने की बात कही, तो उसे छत से फेंककर जान से मारने की धमकी दे डाली। जानकारी के मुताबिक, आरोपी सिपाहियों में एक नाम विशाल चौहान है, वहीं दूसरे का नाम विशांत राणा है। दोनों मेरठ में तैनात हैं। बीते दिन विशाल और विशांत आयोजित खेल प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए लखनऊ आए थे। यहां चारबाग पुल के पास फैज नाम के युवक से उनकी कहासुनी हो गई। जिसके बाद दोनों सिपाही फैज को बाइक से 35वीं वाहिनी पीएसी उठा ले गए और वहां उसकी जमकर पिटाई की।
आरोप है कि उन्होंने पिटाई के बाद फैज को छत से फेंकने की धमकी भी दी। उसके सिर के बाल तक काट दिए। मौके पर पहुंची बहनों ने जब हंगामा किया तब फैज को छोड़ा गया। फैज को लेकर घरवाले महानगर पुलिस थाने पहुंचे, जहां पीड़ित की तहरीर पर आरोपी सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
बीते दिनों बलदेव में भी दारोगा ने आरोपी पर किया था ईंट से प्रहार
विदित रहे कि पिछले माह मथुरा के बलदेव ब्लॉक के एक गांव में बलदेव थाने से दारोगा की भी गुंडागिर्दी देखी गई। दारोगा सुरेन्द्र भाटी ने आरोपी को पकड़ने के बजाय उस पर लात, घूंसों के साथ ईंटों से जमकर प्रहार करना शुरू कर दिया। इससे आरोपी को काफी चोटें भी आयीं। लेकिन आज तक पुलिस अफसरों ने इस पर कोई संज्ञान तो लेना दूर, बल्कि दारोगा को बचाते हुए पुलिस अफसर नजर आये। ईंट से प्रहार करने का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसे लाखों लोगों ने शेयर कर पुलिस के खिलाफ कार्यवाही को लिखा, लेकिन ये पुलिस अफसर जो ठहरे इन्होंने आरोपी के आरोपी दारोगा बचाने का कार्य किया। जिस कारण पुलिस जमकर किरकिरी हुई।

