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Fri. Feb 13th, 2026

500 में सिलेंडर, सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल, अग्निपथ स्कीम बंद… शरद पवार की NCP के ‘शपथनामा’ में बड़े ऐलान

मुंबई : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने गुरुवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। एनसीपी के संस्थापक शरद पवार की मौजूदगी में पुणे में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में ‘शपथनामा’ शीर्षक वाला घोषणापत्र जारी किया गया। इस ‘शपथनामा’ में ऐलान किया गया है कि सत्ता में आने पर एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम की जाएंगी। इसमें महिला आरक्षण से लेकर सरकारी नौकरियों और जीएसटी तक को लेकर बड़े वादे किए गए हैं।

शरद पवार गुट की एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल (Jayant Patil) ने कहा, “हम आज अपना घोषणापत्र जारी कर रहे हैं, घोषणापत्र में जो मुद्दे शामिल हैं, हमारे नेता इन मुद्दों को संसद में उठाएंगे… हमारा घोषणापत्र ‘शपथ पत्र’ है। महंगाई बढ़ रही है, किसान खराब स्थिति में हैं, और बेरोजगारी अपने चरम पर है…पिछले दस वर्षों में एजेंसियों का दुरुपयोग और निजीकरण जैसे मुद्दे बढ़ रहे हैं। हम पहले ही इन सभी मुद्दों पर अपना स्टैंड बता चुके हैं…।”

पाटिल ने कहा, “हम एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम कम करेंगे… हम सत्ता में आए तो सरकारी नौकरियों में खाली जगह भरेंगे… हम महिला आरक्षण पर भी काम करेंगे… महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लाएंगे…”
उन्होंने कहा, ‘‘एलपीजी सिलेंडर की कीमत 500 रुपये तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जाएगी। अगर पार्टी को केंद्र की सत्ता में आने का मौका मिला तो पेट्रोल, डीजल टैक्स को नया रूप दिया जाएगा। जीएसटी को भी आसान बनाया जाएगा।’’

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की मौजूदगी में जारी घोषणापत्र में अग्निपथ योजना को खत्म करने, जाति जनगणना, नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण, महिलाओं के लिए सुरक्षा ऑडिट का वादा किया गया है। साथ ही किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और जाति जनगणना से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस के पांच न्याय गारंटी का भी समर्थन किया है।

NCP (शरद पवार) के ‘शपथनामा’ की बड़ी बातें-

  • किसानों के कल्याण के लिए एक अलग आयोग का गठन
  • अप्रेंटिसशिप का अधिकार
  • जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का समर्थन
  • जाति जनगणना का समर्थन
  • ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विरोध
  • सीएए, एनआरसी और यूएपीए कानून की समीक्षा और संवैधानिक सिंद्धातों के अनुरूप बदलाव
  • सरकारी क्षेत्रों में कांट्रेक्ट भर्ती बंद कांट्रेक्ट श्रमिकों के हित के लिए कानून

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