Breaking
Thu. Feb 19th, 2026

शिवखोड़ी गुफा में आज भी साक्षात विराजित हैं भगवान शिव, भस्मासुर से बचने के लिए किया था निर्माण, जानें पौराणिक कथा

दैनिक उजाला, धर्म डेस्क : जम्मू कश्मीर में रविवार को श्रद्धालुओं की बस पर आतंकियों ने हमला कर दिया। गोली बस चालक को लगी, जिसके बाद बस खाई में जा गिरी और 10 लोगों की मौत हो गई और 33 लोग घायल हो गए। बता दें कि ये सभी श्रद्धालु शिव खोड़ी से भगवान शिव के दर्शन कर लौट रहे थे। यह पवित्र स्थान कहां स्थित है और इसका क्या धार्मिक महत्व है आपको यहां बताते हैं।

शिवखोड़ी धाम जम्मू के रयासी जिले में स्थित है। मान्‍यता है कि इस गुफा का निर्माण भगवान शिव ने किया था और इसे भाेलेनाथ का घर भी कहा जाता है। भगवान शिव यहां साक्षात विराजमान माने जाते हैं। इस गुफा के दो छोर है। जिसमें से एक छोर अमरनाथ गुफा की ओर खुलता है। पवित्र गुफा की लंबाई करीब डेढ़ सौ मीटर मानी जाती है। यहां चार फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है, जिस पर जल की धारा प्राकृतिक रूप से बहती रहती है। यहां माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय पिंडियों के रूप में विराजित है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने भस्मासुर नामक राक्षस से बचने के लिए इस गुफा का निर्माण किया था और जब तक भस्मासुर का अंत नहीं हो गया, तब तक भोलेनाथ इस गुफा में रहे।

पौराणिक कथाओं के अनुसार भस्मासुर नाम का एक राक्षस था। जिसने भगवान शिव की घोर तपस्या कर यह वरदान प्राप्त कर लिया कि वह जिसके सिर पर भी हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा। यह वरदान प्राप्त करने के बाद भस्मासुर शिवजी को ही भस्म करने उनके पीछे दौड़ पड़ा। इसके बाद भगवान शिव और भस्मासुर के बीच घनघोर युद्ध हुआ। जिस स्थान पर दोनों के बीच युद्ध हुआ उसका नाम रणसु पड़ा।

भगवान शिव और भस्मासुर के बीच यह युद्ध लंबे समय तक चला। अभय वरदान देने के कारण भगवान शिव भस्मासुर का वध नहीं कर सकते थे। ऐसे में भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव किसी स्थान की तलाश करने लगे और बाद में उन्होंने पहाड़ों के बीच एक गुफा का निर्माण किया और उसमें छुप गए। इसी गुफा को शिवखोड़ी गुफा कहा जाता है।

ऐसे हुआ भस्मासुर का अंत
भस्मासुर का अंत करने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और भस्मासुर के पास जाकर वह उसके साथ नृत्य करने लगे। इस दौरान भस्मासुर सब कुछ भूल गया और उसने अपना हाथ अपने ही सिर पर रख दिया, जिससे उसका अंत हो गया और बाद में भगवान शिव इस गुफा से बाहर निकले। मान्यता है कि इस गुफा में भगवान शिव आज भी साक्षात रूप में विराजित है।

ऐसे पहुंचे शिवखोड़ी गुफा (Way To Reach Shiv Khori Gufa)
गुफा शिवखोड़ी जाने के लिए जम्मू अथवा कटरा से जाया जा सकता है। जम्मू से रणसू करीब 140 किलोमीटर दूर है, जबकि कटरा से इसकी दूरी 80 किलोमीटर है। रणसू से शिवखोड़ी जाने के लिए तीन से चार किलोमीटर तक चढ़ाई करनी पड़ती है।

शिवखोड़ी से लौट रही बस पर आतंकी हमला, खाई में बस गिरने से 9 श्रद्धालुओं की मौत
अमरनाथ यात्रा शुरू होने से ठीक 20 दिन पहले आतंकी हमला

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से ठीक 20 दिन पहले रियासी जिले के प्रसिद्ध शिव धाम शिवखोड़ी से दर्शन कर लौट रहे यात्रियों की बस पर घात लगाकर आतंकियों की ओर से किए गए हमले के बाद बस गहरी खाई में जा गिरी। इस घटना में एक बच्चे समेत नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 33 घायल हो गए। सभी मरने वाले व घायल श्रद्धालु उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान के बताए जाते हैं। घटना में 6-7 यात्रियों को गोलियां लगी हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना रविवार की शाम लगभग सवा छह बजे की बताई जाती है। एसएसपी रियासी मोहिता शर्मा ने नौ यात्रियों के मारे जाने तथा 33 के घायल होने की पुष्टि की है। ज्ञात हो कि अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होनी है।
शिवखोड़ी से कटड़ा लौट रही थी बस

बताते हैं कि यात्रियों से भरी बस (जेके 02 एई 3485) शिवखोड़ी से कटड़ा लौट रही थी। बस में 42 यात्री सवार थे।सभी यात्रियों को लेकर बस सुबह शिवखोड़ी गई थी। दर्शन कर लौटते समय पौनी और शिवखोड़ी के बीच कंडा त्रयाथ इलाके में चंडी मोड़ के पास पहले से घात लगाए आतंकियों ने बस के आगे आकर फायरिंग की। अचानक हुई फायरिंग से चालक ने संतुलन खो दिया और बस लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। बस के गिरने के दौरान वहां मौजूद अन्य आतंकियों ने पीछे से गोलियां बरसाईं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *