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Thu. Feb 12th, 2026

जीएलए के छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट में मिला इंटर्नशिप का अवसर

  • जीएलए विश्वविद्यालय के बीटेक सीएसई विभाग ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम की

दैनिक उजाला, मथुरा : तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम करते हुए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा एक बार फिर एक और सफलता की सीढ़ी पर चढ़ चुका है। विश्वविद्यालय के बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशन विभाग के चार होनहार छात्रों को दिग्गज आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में बेहतर स्टाइपेंड पर इंटर्नशिप का अवसर मिला है।

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में इंटर्नशिप के लिए चयनित हुए विद्यार्थी अंजलि दीक्षित, गौरी सिंह, पीयूष वर्मा और छवि गोयल प्रतिमाह एक लाख 25 हजार आकर्षक स्टाइपेंड दी जाएगी। यह बेहतर अवसर विद्यार्थियों के न केवल तकनीकी कौशल और शैक्षणिक प्रतिभा की मान्यता है, बल्कि जीएलए की इंडस्ट्री-फोकस्ड शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली की भी बड़ी उपलब्धि है।

जीएलए इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. अशोक भंसाली ने बताया कि विद्यार्थियों की चयन प्रक्रिया अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक थी। इसमें छात्रों को हैकर रैंक आधारित ऑनलाइन कोडिंग असेसमेंट, टेक्निकल इंटरव्यू और अंत में प्रॉब्लम सॉल्विंग एवं डीएसए आधारित राउंड्स से गुजरना पड़ा। यह पूरी प्रक्रिया माइक्रोसॉफ्ट की यूनिवर्सिटी हायरिंग नीति के अंतर्गत आयोजित की गई।

उन्होंने छात्रों को दी जा रही तकनीकी शिक्षा पर बोलते हुए बताया कि विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम समय-समय पर अपडेट किया जाता है, ताकि एआई, एमएल, क्लाउड कम्प्यूटिंग, साइबर सिक्यॉरिटी और डाटा साइंस जैसे उभरते हुए क्षेत्रों की नवीनतम जानकारी छात्रों को मिल सके। यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि जीएलए विश्वविद्यालय केवल डिग्री के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक करियर को संजोने की तैयारी कराता है।

विभागाध्यक्ष डा. गौरव बाठला के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियां विशेष रूप से छात्रों की डाटा स्ट्रक्चर एंड एल्गोरिथ्म, ओप्स, ऑपरेटिंग सिस्टम, डीबीएमएस तथा सिस्टम डिजाइन की तकनीकी समझ और लिट कोड तथा कोड फोर्सेस प्लेटफार्म्स पर निरंतर अभ्यास को प्राथमिकता देती हैं। जीएलए विश्वविद्यालय में छात्रों को इन सभी विषयों में गहराई से प्रशिक्षित किया जाता है। साथ ही गिट हब पर प्रोजेक्ट्स कार्य करना, ओपन-सोर्स में योगदान देना और कॉम्पटेटिव प्रोग्रामिंग कल्चर में भागीदारी विद्यार्थियों को इंडस्ट्री के लिए पूर्णत तैयार करती है।

नवाचार और इंडस्ट्री एक्सपोजर का केंद्र जीएलए

जीएलए विश्वविद्यालय में शिक्षक और छात्र नवाचार की ओर लगातार अग्रसर हैं। इसी के चलते कंपनियों ने भी जीएलए की ओर कदम बढ़ाकर छात्रों के लिए रोजगार के द्वार खोले हैं। दिग्गज आईटी कंपनी पिछले कई वर्षों से जीएलए विश्वविद्यालय से जुड़कर विद्यार्थियों को बेहतर पैकेज पर रोजगार दे रही है। इस कंपनी में अब तक 37 से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार मिल चुका है। माइक्रोसॉफ्ट में विद्यार्थियों को मिली सफलता पर बोलते हुए कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता कहते हैं कि यह सफलता विश्वविद्यालय की उन शैक्षणिक रणनीतियों का प्रतिफल है, जो छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखती। यहां छात्रों को कैप्स्टोन प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन, पिअर लर्निंग सेशन और इंडस्ट्री मेंटरशिप जैसी गतिविधियों से जोड़कर उन्हें वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान देने में सक्षम बनाया जाता है।

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