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कोडवर्ड से हुआ धर्मांतरण का खेल

  • छांगुर को किसने भेजे 106 करोड़
  • 30 से कम उम्र की लड़कियां-महिलाएं टारगेट, 5 राज्यों में 1500 लोगों की सीक्रेट टीम

बलरामपुर/UP : 2019, जुलाई-अगस्त का महीना रहा होगा। अमित उर्फ अबू अंसारी के घर वाले मुझे बलरामपुर में छांगुर बाबा से मिलवाने ले गए थे। मैंने देखा कि एक बड़े से कमरे में बहुत सी महिलाएं बैठी थीं। सुलगते लोहबान के धुएं में उनमें से कुछ अरबी में लिखी किताब पढ़ रही थीं। सामने कुर्सी पर छांगुर ‘पीर’ बाबा बैठा था। वो औरतों का ब्रेनवॉश कर रहा था।‘

‘उसने मुझे पास बुलाकर कहा- अगर तुम इस्लाम कबूल लोगी, तो हमेशा खुश रहोगी। यहां तुम्हें पैसा, ऐशोआराम सब मिलेगा। उसने धोखे से मेरा धर्म बदलवाया और अबू अंसारी से निकाह करा दिया। ये शादी मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी। आज न तो मेरा परिवार मेरे साथ है और न ही मेरे दोस्त। छांगुर बाबा और उसके लोगों के खिलाफ मैं अकेले लड़ रही हूं।‘

31 साल की रानी (बदला हुआ नाम) 4 साल पहले तक हिंदू थीं। अब अलीना बन गई हैं। रानी उन 5 हजार लड़कियों में से हैं, जिन्हें बलरामपुर के रेहरा माफी गांव के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाया। अक्टूबर 2024 में रानी ने UP-ATS को इस रैकेट के बारे में बताया। रानी की शिकायत पर नवंबर, 2024 में UP-ATS ने बाबा और उसके बेटे महबूब समेत 10 लोगों पर FIR दर्ज की।

5 जुलाई को छांगुर बाबा को नीतू उर्फ नसरीन के साथ लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि छांगुर गैंग ने UP-महाराष्ट्र सहित 5 राज्यों में 1500 लोगों की सीक्रेट टीम बना रखी है। इनके टारगेट पर 30 से कम उम्र की महिलाएं रहीं। वो धर्म परिवर्तन के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था। बाबा के खाते में हुए 106 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है।

सबसे पहले विक्टिम्स की आपबीती…

विक्टिम-1 छांगुर के गुर्गों ने धर्मांतरण करवाया और फिर निकाह किया

हमने सबसे पहले लखनऊ की रानी (बदला हुआ नाम) से बात करने के लिए संपर्क किया। छांगुर ने 2020 में उनका धर्म परिवर्तन करवाया था। जब रानी के परिवार वालों को उनके निकाह के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपनाने से मना कर दिया। फिलहाल वो लखनऊ में किराए के मकान में रह रही हैं।

छांगुर के रैकेट का खुलासा करने वालों में रानी सबसे अहम किरदार हैं। उन्हें जान के मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसी वजह से वो हमसे ऑनलाइन बात करने के लिए तैयार हुईं। रानी कैसे छांगुर बाबा के संपर्क में आईं? वो इसके पीछे की कहानी बताती हैं,

2015 में अमित उर्फ अबू अंसारी से लखनऊ में मेरी मुलाकात हुई। वो हिंदू बनकर मिला था इसलिए शक नहीं हुआ। कुछ दिनों बाद हमने एक-दूसरे से नंबर शेयर किया और अक्सर मिलने लगे। जब अमित की फैमिली से मुलाकात हुई तो भाई-बहन और बाकी परिवार मुझसे हिंदू बनकर ही बात करता था।

‘अबू ने मुझे अपनी बहन उमेर अकीबा से मिलवाया। वो अपना नाम गुड़िया बताती थी। उसी ने मेरी मुलाकात नीतू उर्फ नसरीन से करवाई, जिसे UP-ATS ने छांगुर बाबा के साथ गिरफ्तार किया है। उसका काम ज्यादा से ज्यादा हिंदू लड़कियों को मुस्लिम बनाना था। नीतू मुझसे कहती थी कि इस्लाम धर्म में हिंदू काफिर लड़की से शादी करना हज का सबाब है। उसी ने मुझे पहली बार छांगुर पीर बाबा से मिलवाया था।‘

अब तुम काफिर से मुसलमान बन गई हो’

रानी ने बताया, ‘मैं अबू अंसारी के फेथ में इतना खो गई कि मेरा ब्रेनवॉश किया गया और मैं समझ ही नहीं पाई। उसके पिता अबू हुरैरा अंसारी और भाई डॉ. सईद अंसारी मेरा धर्म परिवर्तन करवाकर अबू से निकाह करवाना चाहते थे। मैं राजी नहीं हुई तो परिवार वाले कहने लगे कि तुम अपनी आस्था के मुताबिक रहो। हम अभी तुम्हारा निकाह करा देंगे। फिर स्पेशल मैरिज एक्ट में तुम्हारी शादी हो जाएगी। ये सुनकर मैं मान गई।‘

‘2020 में अबू अंसारी से मेरा निकाह करवाया गया। निकाह के वक्त छांगुर पीर बाबा ने कहा कि जो मैं बोल रहा हूं उसे दोहराती जाओ। उन्होंने मुझे कलमा पढ़वाया, फिर निकाह पढ़ाकर कहा कि अब तुम काफिर से मुसलमान बन गई हो, इस्लाम के हिसाब से रहो।‘

रानी ने हमें अपने निकाहनामे की तस्वीर दी है, जो इस बात का सबूत है कि उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया।

रानी ने हमें अपने निकाहनामे की तस्वीर दी है, जो इस बात का सबूत है कि उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया।

रानी के मुताबिक, शादी के दो-तीन दिन बाद ही अबू का परिवार मारपीट करने लगा। निकाह के बाद रानी के साथ हो रही जोर-जबरदस्ती और शोषण के कारण उन्होंने 2021 में अबू को छोड़ दिया। लखनऊ में उन्होंने विश्व हिंदू रक्षा परिषद की मदद से कानून का सहारा लिया।

रानी ने अक्टूबर 2024 में ये आपबीती UP-ATS के अफसरों को बताई। इसके बाद ही UP-ATS ने छांगुर और उसकी गैंग पर शिकंजा कसना शुरू किया।

विक्टिम-2

वसीम ने राजू बनकर दोस्ती की, फिर गैंगरेप करवाया

छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ UP में ही नहीं बल्कि साउथ में भी एक्टिव है। इसका खुलासा बेंगलुरु की रहने वाली बबीता (बदला हुआ नाम) ने किया। उसने बताया कि 2021 में इंस्टाग्राम पर उसे राजू राठौर नाम के शख्स का मैसेज आया, जिसका असल नाम वसीम था। उसने बातचीत के दौरान खुद को सहारनपुर का बताया और कहा कि वो सऊदी अरब में काम करता है।

बबीता ब्यूटीशियन है। वसीम ने उससे कहा कि तुम यहां आ जाओ, अच्छी कंपनी में जॉब लगवा दूंगा। फिर करोड़पति शेख से निकाह करवा दूंगा, जिसके बाद तुम यहीं पर बस जाना। बबीता आरोप लगाती हैं कि वसीम ने उनका फर्जी पासपोर्ट बनवाया और 3 महीने के टूरिस्ट वीजा पर सऊदी बुला लिया। ये सभी कागजात भी उनके पास हैं।

बबीता ने बताया, ‘2021 में मैं सऊदी अरब पहुंची। वहां वसीम ने वीडियो कॉल के जरिए छांगुर बाबा से मेरी बात करवाई। कॉल पर छांगुर ने कहा कि उस पर पुलिस की नजर है। इसलिए वो सऊदी नहीं आ सकता है। उसने आदिललाम शहर में रहने वाले अपने मुरीद बदर अख्तर सिद्दीकी से मेरा धर्म परिवर्तन और निकाह कराने के लिए कहा।’

‘नौकरी देने के बहाने जब मेरे धर्म परिवर्तन की बात होने लगी, तो मैंने मना कर दिया। इस पर वसीम नाराज हो गया और मेरे अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। इसके बाद मैं बेंगलुरु वापस लौट आई और 21 जुलाई 2023 को वसीम के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इस पर वसीम के पिता ने मुझे फोन करके सहारनपुर बुला लिया।‘

विक्टिम-3

इस्लाम कबूलने पर 15 से 16 लाख रुपए देने का लालच

बलरामपुर जिले के चौधरीडीह गांव के नरेंद्र कुमार (बदला हुआ नाम) भी छांगुर बाबा के जाल में फंस चुके हैं। नरेंद्र कहते हैं, ‘2023 में छांगुर बाबा के संपर्क में आए। अप्रैल 2024 में छांगुर ने धर्म परिवर्तन कराने के लिए कहा। जब विरोध किया तो पीर बाबा अपने गुर्गों से जान से मारने की धमकी दिलाने लगा। उसने झूठे मुकदमों में फंसाने का दबाव भी बनाया। इसके बाद से हम लोग छिपकर रह रहे हैं।‘

धर्म परिवर्तन कैसे कराया जाता था? नरेंद्र जवाब देते हैं, ‘छांगुर धर्म परिवर्तन कराने के लिए पहले हिंदुओं से कलमा पढ़वाता था। फिर उन्हें गोमांस खिलाता था। इस पूरी प्रक्रिया का वो बाकायदा वीडियो भी बनवाता था। गरीब वर्ग के लोगों को वो पैसों का लालच देता था। कहता था कि इस्लाम कबूल लो, तुम्हें 15 से 16 लाख रुपए दूंगा। जब लोग उसके कहने पर धर्म बदल लेते थे, तो उसके गुर्गे लोगों को 1000 से 2000 रुपए देकर वहां से लौटा देते थे।‘

गल्फ के सबसे नामचीन अल नाहदा, एमिरेट्स NBD बैंकों में छांगुर के खाते

ATS के मुताबिक, छांगुर बाबा के बैंक अकाउंट से करीब 100 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। इसमें से 14 करोड़ रुपए फॉरेन फंडिंग से आए हैं। छांगुर के पास ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ किताब भी मिली है। जिसके जरिए हिंदू लड़कियों का कन्वर्जन किया जाता था। फिलहाल, UP पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

मामले की जांच कर रहे UP-ATS के एक सीनियर अफसर ने बताया, ‘छांगुर ने दुबई से लेकर सऊदी अरब तक धर्म परिवर्तन से पैसा कमाने का नेटवर्क फैला रखा था। पता चला है कि उसकी ज्यादातर प्रॉपर्टी दूसरों के नाम पर है। उसके सबसे खास गुर्गे नीतू-नवीन के नाम विदेशों से जो फंडिंग होती थी, उससे जुड़े नवीन के नाम पर 8 खाते मिले हैं।

इसमें अल नाहदा, एमिरेट्स NBD, मसरफ बैंक, अल अंसारी एक्सचेंज और वोस्ट्रो बैंक के नाम शामिल हैं। ATS ये पता लगा रही है कि इन खातों में कहां से पैसे भेजे जा रहे थे और इनका किस काम के लिए इस्तेमाल होना था।’

ये कबूलनामा है, जिसमें नीतू उर्फ नसरीन और नवीन ने छांगुर बाबा को अपना गुरु बताया है।

ये कबूलनामा है, जिसमें नीतू उर्फ नसरीन और नवीन ने छांगुर बाबा को अपना गुरु बताया है।

‘सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि छांगुर बाबा का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी संगठनों से भी जुड़ा हो सकता है। लिहाजा जरूरत पड़ने पर ATS अब ED, IB और NIA से भी मदद ले सकती है। छांगुर का सारा कामकाज नवीन और नीतू संभालते थे। 2014 से 2019 के बीच नीतू 16 बार UAE गई। वहीं नवीन 2016 से 2020 के बीच 19 बार गया। ATS दोनों से इन विदेश यात्राओं के बारे में पूछताछ कर रही है।’

धर्मांतरण के लिए कोडवर्ड और 1500 मुस्लिम लड़कों की फौज

ATS से जुड़े हमारे सोर्स ने बताया कि छांगुर ने लव जिहाद के लिए मुस्लिम युवकों की टीम तैयार की थी। 2023 से अब तक इस टीम में 1000 से 1500 लड़कों को इस काम के लिए पेमेंट दी गई। भारत में छांगुर का नेटवर्क UP के अलावा महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु तक फैला हुआ है। गैंग का सबसे ज्यादा फोकस नेपाल सीमा से सटे 7 जिलों पीलीभीत, लखीमपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज पर है।

जांच में पता चला है कि छांगुर ने धर्मांतरण के लिए अपने कोडवर्ड भी बनाए थे। इसमें ब्रेनवॉश करने को ‘काजल लगाना’, धर्म परिवर्तन को ‘मिट्टी बदलना’, नई लड़की के लिए ‘नया केस’ या प्रोजेक्ट, बाबा के सामने लड़कियों को लाने के लिए ‘दीदार कराना’ कहा जाता था। इन कोडवर्ड के जरिए छांगुर अपने लोगों से बात करता था, ताकि किसी बाहरी को पता न चले कि अंदर क्या हो रहा है। इस गिरोह का शिकार बन चुकीं ज्यादातर महिलाओं की उम्र 30 साल से कम है।

हिंदू संगठन क्या कह रहे… विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP):

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने अब तक छांगुर बाबा का शिकार बन चुके 16 लोगों की मुस्लिम से हिंदू धर्म में वापसी करवाई है। गोपाल राय ने छांगुर बाबा के बैंक खातों में लेनदेन से जुड़े कुछ दस्तावेज UP पुलिस को सौंपकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गोपाल दावा करते हैं कि उनके पास छांगुर के 106 करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़े डॉक्युमेंट्स मौजूद हैं। इसमें एक भी भारतीय बैंक नहीं हैं।

गोपाल कहते हैं, ‘छांगुर बाबा ने कम से कम 4 हजार लोगों का धर्मांतरण कराया है। इसके टारगेट पर हिंदू लड़कियां थीं, जिन्हें पैसों का लालच दिखाकर ये अपना शिकार बनाता था।’

अखिल भारतीय हिंदू महासभा (ABHM):

ABHM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चौधरी कहते हैं, ‘छांगुर बाबा का केस सामने आने के बाद UP पुलिस ने गैंग के 4 लोगों को पकड़ लिया है, लेकिन इसका नेटवर्क अब भी एक्टिव है। विक्टिम्स को प्रताड़ित करने वाले लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों को भी जल्द से जल्द हिरासत में लिया जाए, ताकि छांगुर के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।’

‘छांगुर ज्यादातर समाज के वीकर सेक्शन की महिलाओं को धर्मांतरण के जाल में फंसाता था। इसमें विडो या ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पति शराबी हैं और आर्धिक हालत ठीक नहीं है। इसमें हर वर्ग की महिलाओं का रेट बंटा था। ब्राह्मण, सरदार और क्षत्रिय लड़कियों को 15 से 16 लाख रुपए दिए जाते थे। पिछड़ी जाति की लड़कियों को 10 से 12 लाख रुपए और दलित लड़कियों को धर्म बदलने पर 8 से 10 लाख रुपए दिए जाते थे।’

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