- स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में मध्य प्रदेश का दबदबा बरकरार है। सुपर स्वच्छ लीग में एमपी की आर्थिक नगरी इंदौर ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है।
नई दिल्ली: स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में मध्य प्रदेश का दबदबा बरकरार है। सुपर स्वच्छ लीग में एमपी की आर्थिक नगरी इंदौर ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है। स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने 8वीं बार पहले पायदान पर अपना दबदबा बरकरार रखा है। शहर को 10 लाख से अधिक जनसंख्या कैटेगरी में रखा गया था। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर भार्गव ने राष्ट्रपति से अवॉर्ड लिया। साल 2021 से 2023 के बीच जो शहर टॉप-3 में रहे, उन्हें सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया था।
सबसे सुपर स्वच्छ शहर लीग की श्रेणी में 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों में उज्जैन को अवॉर्ड मिला है। इसके साथ ही, 50 हजार से 3 लाख तक की जनसंख्या वाले शहरों में देवास देश में पहला पुरुस्कार मिला है।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर गीता अग्रवाल और आयुक्त रजनीश कसेरा को ये पुरुस्कार देकर शहर को सम्मानित किया है। वहीं, पांचवीं श्रेणी में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहर में बुधनी को अवॉर्ड मिला। इसके अलावा, स्वच्छता सर्वेक्षण में सागर को देशभर में 10वीं तो प्रदेश में 11वीं रैंक मिली है।
जानें किस शहर का किस श्रेणी में मिला सम्मान

-सुपर स्वच्छ लीग श्रेणी: इंदौर, उज्जैन और बुदनी
-राष्ट्रपति पुरस्कार: भोपाल, देवास और शाहगंज
-विशेष श्रेणी (गंगा शहर): जबलपुर
-राज्य स्तरीय पुरस्कार: ग्वालियर

Indore: स्वच्छता में इंदौर लगातार सात बार अव्वल रहा, अब आठवीं बार रैंकिंग से ऊपर हो गया है। गुरुवार को राष्ट्रपति के हाथों ये अवॉर्ड इंदौर नगर निगम को सौंपा जाएगा। मंगलवार शाम को ही इंदौर से बतौर प्रतिनिधि निगमायुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित अन्य अफसर दिल्ली पहुंच गए। बुधवार को अवॉर्ड के लिए रिहर्सल की जाएगी।
मालूम हो, स्वच्छ सुपर लीग में शामिल होने के कारण अब इंदौर की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। इस कैटेगरी में शामिल शहरों की जिम्मेदारी है कि वह अपने प्रदेश के किसी शहर को प्रशिक्षित करेगा। हालांकि, इंदौर यह काम तो पहले से ही करता आ रहा है। कई वर्षों से इंदौर बुधनी को प्रशिक्षित कर रहा है। हालांकि, इंदौर अब प्रदेश ही नहीं देश के कई शहरों को स्वच्छता की शिक्षा दे रहा है।
अलग से क्यों बनाई ‘स्वच्छ सुपर लीग’ कैटेगरी
स्वच्छ सुपर लीग के सर्वे में इस बार उन शहरों को मुकाबले से अलग रखा गया था, जो हर बार टॉप थ्री में आ रहे थे। इसमें इंदौर सबसे पहले नंबर पर था। ऐसा इसलिए किया क्योंकि लगातार टॉप थ्री में जगह रखने वाले इन शहरों के कारण दूसरे शहरों की सर्वेक्षण में भाग लेने में दिलचस्पी कम हो रही थी। इंदौर सहित अन्य अव्वल आने वाले शहर भी वॉक ओवर देने के मूड में नहीं थे। इसलिए विभागीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने अलग कैटेगरी में सर्वे डिजाइन करवाए थे। इस सर्वे (स्वच्छ सुपर लीग) में भी इंदौर ने बाजी मारी है। गुरुवार को इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर शहर के प्रतिनिधियों को अवॉर्ड देंगी।
आज रिहर्सल, कल अवॉर्ड
जानकारी है कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल, अहमदाबाद और लखनऊ के बीच कड़ा मुकाबला है। तीनों शहर पहले नंबर पर आने के लिए कड़ी टक्कर दे रहे हैं। हालांकि, स्वच्छता सर्वेक्षण और स्वच्छ सुपर लीग दोनों के लिए अवॉर्ड एक ही दिन यानी 17 जुलाई को दिए जाएंगे। राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड लेने के लिए जिन शहरों का चयन हुआ है। उन्हें एक दिन पहले ही बुलाया गया था, जिसके तहत मंगलवार को ही निगम अफसर वाराणसी से दिल्ली पहुंच गए। आज कार्यक्रम स्थल पर ही रिहर्सल की जाएगी।
इन अवॉर्ड के लिए ये शहर हो सकते दावेदार
इंदौर : स्वच्छ सुपर लीग में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान
उज्जैन : स्वच्छता सुपर लीग में 3 से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान
बुधनी : स्वच्छता सुपर लीग में 20 हजार से कम आबादी वाले कस्बों में प्रथम स्थान
भोपाल, देवास, शाहगंज : प्रेसिडेंसियल अवॉर्ड
जबलपुर, ग्वालियर : मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड
सर्वाधिक अंक इंदौर को
इंदौर को स्वच्छ सुपर लीग में स्थान मिलना तो तय हो गया है, लेकिन करीब 12500 अंकों के इस मुकाबले में इंदौर को कितने अंक मिले हैं और सर्वाधिक अंक किस शहर के खाते में गए हैं, यह अभी रहस्य ही बना हुआ है। सूत्रों ने दावा किया है कि इस बार भी इस लीग में सर्वाधिक अंक इंदौर को ही मिले हैं।

