नई दिल्ली : लोकसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा जारी है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- लोग पहलगाम में सरकार के भरोसे गए थे, लेकिन सरकार ने लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया। ये जिम्मेदारी क्या देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, NSA की नहीं है।
उन्होंने कहा- पहलगाम में जब लोगों को मारा जा रहा था, तब वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर का ओलिंपिक का श्रेय लेने आगे आ जाते हैं, जिम्मेदारी लेने क्यों नहीं आते।
शुभम (मृतक) की पत्नी बोलीं- ‘मैंने आंखों के सामने दुनिया को खत्म होते देखा। वहां एक पुलिसकर्मी नहीं था। सरकार ने हमें अनाथ छोड़ दिया।’
प्रियंका से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र से सवाल किया- सरकार बताए कि पाकिस्तान के पीछे कौन सा देश है। हमें चीन से उतना ही खतरा है, जितना आतंकवाद से हैं। जिन एयरक्राफ्ट को नींबू-मिर्च लगाकर पूजा, वे कितने उड़े थे?
वहीं, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि जिन आतंकियों ने पहलगाम में बायसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें सोमवार को ढेर कर दिया गया। इसके लिए ऑपरेशन महादेव चलाया।
उन्होंने कहा कि इन आतंकियों के नाम सुलेमान, फैजल अफगान और जिब्रान हैं। सुलेमान लश्कर का कमांडर था। इसके ढेरों सबूत हैं। अफगान और जिब्रान A श्रेणी के आतंकी थे। आतंकियों की मदद करने वाले 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
सयानी घोष बोलीं- हम तो सवाल करेंगे
TMC सांसद सयानी घोष ने कहा- हम आपसे सवाल पूछेंगे तो आप हमें देशद्रोही कहेंगे। हम मोदी जी की वाह-वाह करेंगे तो आप देश प्रेमी कहेंगे। ऐसा नहीं चलेगा। हम तो सवाल पूछेंगे।
श्रीकांत शिंदे ने पूछा- इकबाल मूसा किसके चुनाव प्रचार के लिए आया था
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा- विपक्ष पूछ रहा है कि आतंकी भारत कहां से आए। मैं पूछना चाहता हूं कि इकबाल मूसा किसके प्रचार के लिए आया था। भोपाल गैस कांड और बोफोर्स घोटाले के आरोपी को भारत से भगाने का काम किसने किया। जिन लोगों ने ये किया, वही पूछ रहे हैं कि आतंकी कहां से आए।
प्रियंका ने सदन में पहलगाम आतंकी हमले के मृतकों के नाम पढ़े
प्रियंका ने कहा कि अगर ऑपरेशन के दौरान हमारे लड़ाकू विमानों का नुकसान नहीं हुआ तो सदन में रक्षा मंत्री क्यों नहीं बता देते। इनके मन में जनता के लिए कोई जगह नहीं है। सब पब्लिसिटी है। आप जनता को देख ही नहीं पा रहे। जो पहलगाम में हुआ, उससे हर देशवासी को चोट पहुंची है।
उन्होंने कहा- इस सदन में सभी के पास सुरक्षा व्यवस्था है। आप जहां जाएंगे, वहां सुरक्षा मिल जाएगी। पहलगाम में 26 परिवार उजड़ गए। 26 लोगों को परिवार के सामने मारा गया। 26 बेटे, भाई, पति गुजर गए। इनमें से 25 भारतीय थे। जितने भी लोग बायसरन में थे, उनके लिए कोई सुरक्षा नहीं थी। आपने उनको सुरक्षित नहीं किया।
मैं एक बार उन 25 भारतीयों के नाम इस सदन में पढ़ना चाहती हूं कि हर सदस्य को एहसास हो कि वे भी इस देश के बेटे थे। उनके परिजन के प्रति हमारी जवाबदेही बनती है।प्रियंका जब 25 नाम पढ़ रही थीं, कांग्रेस सांसद भारतीय-भारतीय के नारे लगा रहे थे।
प्रियंका बोलीं- सरकार झूठी हो तो सेना कमजोर हो जाती है
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- मेरी मां के आंसुओं की बात करूं तो वे तब गिरे, जब मेरे पिता शहीद हुए, तब वे सिर्फ 44 साल की थीं। आज उनकी आंखों में 26 लोगों के मारे जाने के आंसू हैं। ये सोने का नहीं, कांटों का ताज है। जब सरकार झूठी और कायर हो तो सेना के पराक्रम को भी कमजोर कर देती है।

