नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 2 बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा, ‘इस दिवाली पर सरकार जीएसटी रिफॉर्म ला रही है। इससे आम लोगों को टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया, आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे बेटी को 15 हजार रुपए सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी जो ज्यादा रोजगार जुटाएगा, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।
पीएम का शुरुआती भाषण ऑपरेशन सिंदूर पर फोकस रहा। उन्होंने कहा, ‘आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों ने जिस प्रकार का कत्ले आम किया। धर्म पूछकर लोगों को मारा।’
उन्होंने कहा, ‘पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व इस संहार से चौंक गया था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। हमने सेना को खुली छूट दी। हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक भुलाया नहीं जा सकता। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी है। पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं।’
पीएम ने कहा, ‘हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आया है। देश के सीने को छलनी कर दिया गया है। हमने न्यू नॉर्मल प्रस्थापित किया है। आतंकियों और उनको पालने-पोसने वालों को हम अलग-अलग नहीं मानेंगे। भारत ने तय कर लिया है कि न्यूक्लियर की धमकियों को हम सहने वाले नहीं है।’
‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे वक्त से चला आ रहा है। अब ब्लैकमेल नहीं सहेंगे। आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिश जारी रखी, सेना तय करेगी, वह जो समय , तौर-तरीके, लक्ष्य निर्धारित करेगी, हम अमल में लाने वाले हैं। मुंहतोड़ जवाब देंगे। भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एकसाथ नहीं बहेंगे।’
पीएम बोले- परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है
पीएम ने कहा- जब हम लोकतंत्र और स्वतंत्र भारत की बात करते हैं, तो हमारा संविधान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। लेकिन आज से 50 साल पहले संविधान का गला घोंट दिया गया था। देश में आपातकाल लगाया गया था। देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या करने वाले पापियों को भूलना नहीं चाहिए।
मैंने इसी लाल किले से पंच प्रण की बात कही थी। एक बार फिर से स्मरण करना चाहता हूं। भारत को विकसित बनाने के लिए न झुकेंगे, न रुकेंगे, परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे, 2047 में विकसित भारत बनाकर रहेंगे।
हम जीवन में, व्यवस्था, परंपराओं में गुलामी का कोई कण बचने नहीं देंगे। हम अपनी विरासत पर गर्व करेंगे। हमारी पहचान का सबसे बड़ी पहचान विरासत है, इसका गर्व करेंगे। एकता सबसे शक्तिशाली मंत्र है। एकता की डोर कोई काट न सके, इसका संकल्प लेंगे।
मां भारती के प्रति कर्तव्य निभाना पूजा, आराधना से कम नहीं है। इसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करते हुए 2047 विकसित भारत के लक्ष्य के लिए अपने आप को खपा देंगे, झोंक देंगे। नए अवसरों का निर्माण करेंगे। 140 देशवासियों के सामर्थ्य से आगे बढ़ते रहेंगे।
हमें याद रखना है- परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है। और समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है। एक बार बार फिर आजादी के महान पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं। भारत माता की जय…

