चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देने वाले वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह पर पंजाब पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। अमृतपाल सिंह को साथियों के साथ पंजाब पुलिस ने पकड़ लिया है। मिली जानकारी के अनुसार उसे नकोदर से पास से हिरासत में लिया गया। अमृतपाल के साथ उसके कई सहयोगी भी हिरासत में लिया गया है।
पंजाब में कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए पुलिस की मदद के लिए अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं गृह मंत्रालय लगातार पंजाब सरकार के संपर्क में है। आठ जिलों की पुलिस ने करीब 100 गाड़ियों में डेढ़ घंटे तक अमृतपाल का पीछा किया। इसके बाद उसे नकोदर एरिया में घेरकर पकड़ने में कामयाब हुई।
न गांव में जाने की इजाजत, न बाहर आने की
अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में पुलिस बल व पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया गया है। तरनतारन की ओर और अमृतसर जालंधर जीटी रोड पर स्थित रइया के पास से जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। न तो किसी को गांव से बाहर ही निकलने की इजाजत है और न ही किसी को गांव में प्रवेश करने की इजाजत दी जा रही है।
इससे पहले पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के नौ साथियों के हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे। उन्हें कहा गया था कि जो हथियारों के लाइसेंस उन्हें दिए गए है वो आत्मरक्षा के लिए दिए गए थे. ना कि किसी की पर्सनल सुरक्षा के लिए।
मालूम हो कि वारिस पंजाब दे प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के समर्थक तलवार और हथियार लेकर गुरुवार को पुलिस से भिड़ गए और 24 घंटे के भीतर अपने कार्यकर्ता की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब के अमृतसर जिले में पुलिस परिसर में जबरन घुस गए। विरोध के बीच छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
पंजाब के की हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद
अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी की खबरों के बीच शनिवार को पंजाब के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं रविवार दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद कर दी गईं। ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल सिंह के कुछ समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कर दावा किया कि पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। अमृतपाल सिंह के कम से कम छह साथियों को हिरासत में लिया गया है। अमृतपाल सिंह भाषणों के माध्यम से अलगाववादी प्रचार चला रहा है।

