उत्तर प्रदेश : सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया। कहा- अखिलेश जी, मुझे मिटा पाना इतना आसान नहीं है। आप इतने पाप कर रहे हैं, अपराधियों को दूध पिला रहे हैं। पीढ़ियां आपको माफ नहीं करेंगी।
पूजा पाल ने सोमवार को अपने X अकाउंट पर 2 पन्नों का लेटर पोस्ट किया। कहा- क्या आप भूल गए, जब मेरे पति को दौड़ा-दौड़ाकर हत्या की गई। उस समय सपा सरकार थी। इसके बाद आज तक किसी भी सरकार में इस तरह का पाप कभी नहीं हुआ। इसलिए मुझे भय है कि समाजवादी पार्टी के पोषित माफिया गुंडे मेरी हत्या करा सकते हैं।
दरअसल, अखिलेश ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था- विधायक पूजा पाल को भाजपा वाले मार देंगे, जेल हम लोग जाएंगे। इसलिए जांच होनी चाहिए कि पूजा पाल को किससे खतरा है? यूपी सरकार पर भरोसा नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि कोई सीएम से मिल रहा हो और उसे जान का खतरा हो। इस मामले में सपा ने गृहमंत्री को लेटर लिखा है। पूरी जांच की जानी चाहिए। पूजा पाल जितने साल तक सपा के साथ थीं, तब उन्हें कोई जान का खतरा नहीं था।
14 अगस्त को अखिलेश ने पूजा पाल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया था। पूजा पाल ने विधानसभा सत्र के दौरान सीएम योगी की तारीफ की थी। कहा था कि उन्होंने माफिया अतीक अहमद को मिट्टी में मिलाया। पूजा की इस स्पीच के करीब 8 घंटे बाद ही अखिलेश ने उनको पार्टी से बाहर कर दिया था।

अखिलेश ने दुर्दांत माफिया को मेरे खिलाफ लड़ाया
मुझे उम्मीद थी आप मेरे सवालों का जवाब देंगे, लेकिन आपने सीधे उत्तर न देकर एक ट्वीट किया। फिर अपने प्रदेश अध्यक्ष से एक पत्र केंद्रीय गृह मंत्री को लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसके बाद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उसी के बारे में कहा।
आपने (अखिलेश यादव) कहा कि मैंने तो टिकट देकर विधायक बनाया, लेकिन भाजपा ने पूजा पाल के सामने प्रत्याशी खड़ा कर उसका विरोध किया। आपने चौथे चुनाव का जिक्र करते हुए यह कहा, लेकिन आप यह भूल गए कि आपने इसके पहले के तीन चुनाव में मेरे पति और मेरे खिलाफ माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को प्रत्याशी बनाकर विरोध किया।
खासतौर से तब सपा ने मेरा विरोध ही नहीं किया, बल्कि मेरे पति की निर्ममता पूर्वक हत्या करने वाले दुर्दांत माफिया को एक विधवा के खिलाफ लड़ाया, जब मुझे बेहद सहारे की जरूरत थी। मैं अपने क्षेत्र की जनता और पूरे पाल समाज को धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने मेरा डटकर साथ दिया, आपके अपराधी हत्यारे प्रत्याशियों को धूल चटा दी और पाल समाज की बेटी को जीवन दिया।
मेरे जीवन का मकसद पूरा, सीएम ने पति के हत्यारों को मिट्टी में मिलाया
आपने (अखिलेश यादव) मेरे मंत्री बनाने पर तंज कसते हुए जो लिखा है- भाजपा इन्हें मंत्री बनाए, इस पर मैं अपनी बात स्पष्ट कर चुकी हूं कि मुझे मंत्री बनने की चाहत नहीं है, बल्कि अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाना मेरा उद्देश्य था।
सीएम योगी ने मुझे न्याय दिया और मेरे पति के हत्यारों को मिट्टी में मिला दिया। मेरे जीवन का मकसद पूरा हुआ। लेकिन आप मुख्यमंत्री बनने के लिए आज भी अपराधियों को संरक्षण देकर जो पाप कर रहे हैं, जिनको दूध पिला रहे हैं, आने वाली पीढ़ियां आपको कभी माफ नहीं करेंगी।
आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूजा पाल को किससे खतरा है, इसकी भारत सरकार जांच कराए। इस पर मैं कहना चाहती हूं कि गृहमंत्री पर मेरा भी अटूट विश्वास है। मैं भी गृहमंत्री से अपील करती हूं कि इसकी जांच कराई जाए।

यह तस्वीर 14 अगस्त की है। विधायक पूजा पाल ने विधानसभा सत्र के दौरान सीएम योगी की तारीफ की थी।
सपा पार्टी के पोषित गुंडे मेरी हत्या करा सकते
आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मुख्यमंत्री से मिलकर आने के बाद खतरा कैसे बढ़ गया, जबकि सुरक्षा की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है। क्या आप भूल गए, जब मेरे पति को दौड़ा-दौड़ाकर हत्या की गई। प्रयागराज शहर के मुख्य मार्गों पर एके-47 से घंटों फायरिंग कर आतंक फैलाया गया। उस समय राज्य में सपा की ही सरकार थी। इसके बाद आज तक किसी भी सरकार में इस तरह का पाप कभी नहीं हुआ। इसलिए मुझे भय है कि समाजवादी पार्टी के पोषित गुंडे मेरी हत्या करा सकते हैं।
पूरी समाजवादी पार्टी पाल समाज की बेटी के पीछे हाथ धोकर पड़ी
आपका अपराधियों के प्रति इतना प्रेम झलक रहा है कि मैंने विधायक के रूप में अतीक अहमद का नाम सदन में क्या लिया कि मुझे पार्टी से ही निकाल दिया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्वीट करके पूरी समाजवादी पार्टी अतिपिछड़े पाल समाज की बेटी के पीछे हाथ धोकर पड़ गई।
समाज में भ्रम है कि मैंने राज्यसभा के चुनाव में सपा के विपरीत वोट दिया, इसलिए मुझे पार्टी से निकाल दिया गया। लेकिन मैं स्पष्ट कर देती हूं कि अगर समाजवादी पार्टी का ऐसा विचार होता तो उसी समय मेरा निष्कासन कर सकते थे। लेकिन मेरा निष्कासन तब किया गया, जब मैंने माफिया का नाम सदन में लिया। सपा अपराधियों की बुराई बर्दाश्त नहीं कर पाई, इसलिए मुझे पार्टी से निकाल दिया।
आपने (अखिलेश) प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीडीए का अर्थ कुछ और बताया। कुछ समझ में नहीं आया कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए हो गई और फिर पीडीए के अर्थ आपने अनेक समाज और वर्गों के नाम से संबोधित कर घोषित किया। मैं तो बहुत छोटी-सी, बहुत अभागी, बेसहारा पाल समाज की बेटी हूं। लेकिन आप तो एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो, पूर्व मुख्यमंत्री हो। आपको इतने प्रकार के रंग क्यों बदलने पड़ रहे हैं? आप आज भी पीडीए पर स्थिर होकर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
पूजा पाल को मिटा पाना आसान नहीं
पूजा पाल ने आगे लिखा, मुझे भारतीय जनता पार्टी और उसके किसी नेता, कार्यकर्ता से कोई खतरा नहीं है। मैंने एक लंबा जीवन खतरों से जूझते हुए जिया है। आपके लिए भी इतना आसान नहीं है, पूजा पाल को मिटा पाना। मेरे साथ मेरे क्षेत्र की जनता, सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश का अतिपिछड़ा और पाल समाज के लोग चट्टान की तरह खड़े हैं।
आपके इस कदम से माफिया अतीक अहमद के परिवार को बल मिला है, मनोबल बढ़ा है और अभी भी उनके परिवार में कई दर्जन अपराधी हैं। सरकार के दबाव में संभव है, वे चुप हों, लेकिन इस कदम से उनका मनोबल बढ़ा है। इसी से मुझे जीवन का भय है।

