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बलराम जयंती पर सरकारी घोषणा को लेकर समाजवादी पार्टी ने उठाए सवाल, गौरव पाण्डेय ने की राजकीय मेला घोषित करने की मांग

दैनिक उजाला, मथुरा : समाजवादी पार्टी (सांस्कृतिक प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय सचिव गौरव पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश सरकार से भगवान बलराम जी के जन्मोत्सव बलराम जयंती को राजकीय मेला घोषित करने की मांग की है। गौरव पाण्डेय ने कहा कि भगवान बलराम का जन्मोत्सव हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है, जिसे बलदेव छठ भी कहा जाता है। वर्ष 2025 में यह पर्व 29 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 अगस्त को ही कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को बलराम जयंती की बधाई सार्वजनिक रूप से जारी कर दी, जबकि वह तिथि भगवान बलराम जी की जयंती नहीं है। इस तरह की जल्दबाजी न केवल धार्मिक परंपराओं के विपरीत है, बल्कि इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं और जनमानस में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।

गौरव पाण्डेय

गौरव पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि भगवान बलराम का जन्मोत्सव मथुरा एवं बलदेव क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे ब्रज मंडल में बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बलराम जी को खेती, हल और श्रम का प्रतीक माना जाता है। उनका जन्मोत्सव किसानों और श्रमिकों के उत्सव के रूप में भी देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मथुरा का जन्माष्टमी महोत्सव, प्रयागराज का माघ मेला एवं अयोध्या का रामनवमी महोत्सव राजकीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है, उसी प्रकार बलराम जयंती को भी राजकीय मेला घोषित किया जाना चाहिए। इससे न केवल धार्मिक परंपराओं को सम्मान मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर उत्पन्न होंगे।

गौरव पाण्डेय ने प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि भगवान बलराम जी के जन्मोत्सव को लेकर शुद्ध धार्मिक परंपराओं के अनुरूप निर्णय लिया जाए और इसे राजकीय स्तर पर महोत्सव का दर्जा प्रदान कर श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान किया जाए।

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