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Thu. Feb 12th, 2026

रोहिणी जायो लल्ला, मचो है ब्रज हल्ला, Video

  • ब्रजराज के जन्मोत्सव को सुबह से शाम तक ब्रज के राजा के दर्शन को उमड़ती रही भीड़
  • जगह-जगह बलदेव नगर के चैराहों पर देखने को मिला भीड़ का नजारा
  • पुलिस ने व्यवस्थाओं को संभालने के लिए की कड़ी मशक्क्त

दैनिक उजाला, बलदेव/मथुरा : गुरुवार की संध्या से ही जिस इंतजार में दूर-दराज से आये हुए श्रद्धालु पूरी रात नगर के विभिन्न रमणीक स्थानों पर रूके, उनके लिए शुक्रवार की सुबह आनंदमयी हो गयी। सुबह 4 बजने से पहले ही श्रद्धालु स्नान कर अपने मस्तक पर चंदन का लेप लगाकर मंदिर के गेट पर जा पहुंचे। देखते ही देखते अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव अभिषेक एवं दिव्य जवाहारात के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु लालायित दिखे, तो दधिकांधा में समाज के लोगों ने नारियल लूटकर मल्लविद्या का प्रदर्शन किया। देर सायं तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहे।

महायज्ञ संपन्न के बाद अवसर था भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी को ब्रजराज के जन्मोत्सव अभिषेक का। इसी बीच जगमोहन में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जमा हो गई थी। सेवायत और विशेष पंडितों के माध्यम से मंत्रोच्चारण के मध्य ब्रज के राजा के जन्मोत्सव पर पंचामृत अभिषेक हुआ। इसी बीच मंदिर प्रांगण रोहिणी जायो लल्ला, मचो है ब्रज हल्ला… तीन लोक में केाई होय, पर ब्रज कौ राजा है दाऊदयाल…, अरी अलबेलो छैल छकनिया, ब्रज कौ राजा दाऊदयाल आदि रसिया गायन से प्रांगण गूंज रहा था। इसके बाद दाऊदादा को दिव्य स्वर्ण आभूषण धारण कराये गये। स्वर्ण आभूषण धारण से पहले मंदिर के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर सुरक्षाबल तैनात रहा, जो कि देर सायं तक श्रद्धालुओं पर नजर बनाये रहे। ठीक 12 बजकर 30 मिनट पर राजभोग लगाया गया। इसके बाद हजारा आरती के दर्शन हुए।

बलदेव छठ पर मंदिर परिसर में धर्मानुष्ठानों के मुख्य आकर्षण का केेन्द्र दधिकांधा रहा। पांडेय समाज और बाहर से आये श्रद्धालुओं में दही की बौछार से सराबोर होने की होड़ मच गई। तत्पश्च्यात प्रांगण में मल्ल विद्या, नारियल लूटाने का प्रदर्शन देख श्रद्धालु रोमांचक हो उठे। जन्मोत्सव पर बधाई गीतों का सिलसिला रात्रि पर्यन्त जारी रहा। आयोजनों के उपरांत समाज गाायन करते समाज के लोगों द्वारा कस्बा के क्षीर सागर की परिक्रमा करते हुए मोती बाजार, शिवरतन बाजार होते हुए मल्ल विद्या में लूटे नारियलों को दिखाते हुए अपने-अपने घरों को चले गए।

क्षीर सागर पर लगा सेहरों का ढेर

बलदेव : बलदेव छठ के अवसर पर क्षीर सागर पर सुबह से दोपहर तक शादी के सेहरों को विसर्जित करते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी। सेहरे विसर्जित करने की यह परंपरा बलदेव छठ के अवसर पर निभाई जाती है। यह सेहरे माता-पिता अपने पुत्र की शादी के ठीक एक वर्ष बाद दूर-दराज से आकर बलदेव के क्षीर सागर पर विसर्जित करते हैं।

मथुरा-सादाबाद मार्ग रहा खचाखच

बलदेव : बलदाऊजी के जन्मोत्सव के अवसर पर बलदेव नगरी सहित मथुरा-सादाबाद मार्ग वाहनों से खचा-खच भरा हुआ नजर आ रहा था। कहीं भयंकर जाम न लगे इस पैनी नजर से पुलिस पिकेट सुबह से शाम तक चैराहों पर तैनात रहा। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं दिया गया। पुराने बस स्टेण्ड पर हल्के वाहनों को खड़ा करा दिया गया, जिससे अंदर और जाम की स्थिति पैदा न हो।

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