रोहतक : रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चुनाव आयोग को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से एफिडेविट मांगने से पहले चुनाव आयोग खुद एफिडेविट देकर बताए कि उनकी वोटर लिस्ट सही है, उसके बाद मैं सबूत दूंगा कि कैसे एक ही घर में 400 वोट बनाए गए हैं।
हुड्डा ने जीएसटी को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जीएसटी लागू हुए 9 साल बाद अब उसकी याद आई है। हरियाणा को इस दौरान जो भारी घाटा हुआ है, उसका भुगतान कौन करेगा? क्या केंद्र सरकार 22 लाख करोड़ रुपए का घाटा वापस देगी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों को लूटने का काम किया है और जीएसटी के नाम पर जनता को परेशान किया गया।

गांव पाकस्मा में जलभराव का निरीक्षण करते भूपेंद्र हुड्डा।
फसल बीमा योजना प्राइवेट कंपनियों को सौंपी
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने पीएम फसल बीमा योजना प्राइवेट कंपनियों को सौंपी हुई है। इसमें प्रीमियम व मुआवजे में काफी फर्क है। कांग्रेस की योजना है कि जब केंद्र में सरकार बनेगी तो एलआईसी की तर्ज पर सरकारी एजेंसी बनाई जाएगी, जिससे किसानों को तुरंत मुआवजा देने का काम किया जाएगा।
सीएजी की रिपोर्ट का कर रहे अध्ययन
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि फरीदाबाद में कितना बड़ा घोटाला सामने आया। रोहतक में अमृत योजना घोटाला हुआ। सीएजी की रिपोर्ट में काफी चीजें है जिसका पूरा अध्ययन कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में काफी घोटाले सामने आएंगे, जिनका बाद में खुलासा किया जाएगा।
बाढ़ जैसे हालात हैं तो सैटेलाइट कहां गई
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुआवजे की अभी सरकार ने घोषणा कहां की है। कई गांवों के पोर्टल नहीं खोले हैं। पटवारी गिरदावरी करता है तो उसके पास सारा डेटा होता है। जब सैटेलाइट से पराली के लिए एफआईआर दर्ज कर सकते हैं तो क्या जलभराव क्षेत्र का पता करके मुआवजा नहीं दे सकते। अब बाढ़ जैसे हालात हैं तो सैटेलाइट कहां गई।

गांव पाकस्मा में पहुंचे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
8 गांवों का भूपेंद्र हुड्डा ने किया दौरा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गढ़ी सांपला किलोई क्षेत्र के 8 गांवों का दौरा किया और जलभराव का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए और गांव वालों से उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। पूर्व सीएम सबसे पहले गांव बलियाणा पहुंचे और फिर गांव पाकस्मा के खेतों में गए, जहां पानी लगभग 4 से 5 फुट तक भरा हुआ था।
लोगों ने पानी में डूबी धान की फसल दिखाई और कहा कि खेतों से पानी निकालने के लिए उचित प्रबंध किया जाए। इसके बाद हुड्डा पंप हाउस गए और एसडीओ को पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

