काठमांडू : नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शन के बाद पीएम केपी ओली ने इस्तीफा दे दिया। अब नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में हालात अभी तक तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोशल मीडिया बैन किए जाने के बाद भड़के युवाओं ने आंदोलन छेड़ दिया और सड़कों पर उतर आए। इस प्रदर्शन में अबतक 20 लोगों के मारे जाने की खबर है। सोमवार को पीएम ओली ने कहा था कि पद से इस्तीफा देना पड़ा तो दे देंगे लेकिन सोशल मीडिया से बैन नहीं हटाएंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की नाराजगी को देखते हुए बैन हटा लिया गया।
पहले पीएम फिर राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने स्वीकार कर लिया। लेकिन इसके बाद राष्ट्रपति पौडेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हो रहे हैं।
पीएम ओली ने इस्तीफे में क्या लिखा
नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76 (2) के अनुसार, मुझे 31 आषाढ़, 2081 बी.एस. को प्रधान मंत्री नियुक्त किया गया था। देश की वर्तमान असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए, और संविधान के अनुसार, एक राजनीतिक रास्ता निकालने और स्थिति को हल करने के लिए आगे की पहल करने हेतु, संविधान के अनुच्छेद 77 (1) के अनुसार, मैं आज से प्रभावी, प्रधान मंत्री के पद से अपना इस्तीफा देता हूं।
संसद भवन को किया आग के हवाले
नेपाली सेना ने संभाली कमान
देश भर में विरोध प्रदर्शन तेज़ होने के साथ, नेपाली सेना ने भैसपति स्थित मंत्रियों के आवासों से हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करके उन्हें बाहर निकाला। यह कदम मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के घरों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिसमें भैसपति स्थित एक मंत्री के आवास को आग लगा देना भी शामिल है।

