Breaking
Fri. Feb 13th, 2026

उत्तराखंड में 16 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला शख्स:हिमाचल के किन्नौर में बादल फटा-लैंडस्लाइड

  • MP में सामान्य से 187.96mm ज्यादा बारिश

नई दिल्ली/देहरादून/शिमला : उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदनगर में 18 सितंबर की रात बादल फटा था। इसके बाद से 14 लोग लापता थे। कुछ लोग मलबे में दब गए थे। घटना के 16 घंटे बाद एक शख्स को मलबे से जिंदा रेस्क्यू किया गया। यहां पर 200 लोग प्रभावित हुए हैं। 35 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हैं।

देहरादून-मसूरी रोड अभी भी क्षतिग्रस्त है। मसूरी में मौजूद 2 हजार के करीब टूरिस्ट्स सेफ हैं। इधर, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में रिहंद बांध इस साल पांचवीं बार ओवरफ्लो हुआ। कौशांबी में बिजली गिरने से 2 महिलाओं की मौत हुई।

वहीं, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के थाच गांव में गुरुवार देर रात बादल फटा। बाढ़ में दो गाड़ियां बह गईं। लोग रात में ही घरों से भागकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। वहीं, शिमला के एडवर्ड स्कूल के पास भी रात में लैंडस्लाइड हुई।

शिमला की लाइफ लाइन कहे जाने वाली सर्कुलर रोड बंद है। एडवर्ड स्कूल की आज और कल की छुट्टी की गई है। कुमारसैन की करेवथी में भी तीन मंजिला मकान धंसा गया। राज्य में बाढ़-बारिश से अब तक 424 लोगों की मौत हो चुकी है।

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन औसत 1097.28mm बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से 187.96mm ज्यादा है। गुना में सबसे ज्यादा 1651mm बारिश हुई। जबकि खरगोन में सबसे कम 665.48mm बारिश हुई।

उत्तराखंड: चमोली के नंदानगर में बादल फटने के बाद मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू किया गया।

उत्तराखंड: चमोली के नंदानगर में बादल फटने के बाद मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू किया गया।

मणिपुर: इम्फाल के बाढ़ ग्रसित इलाके में बांस से बना ब्रिज टूट गया।

मणिपुर: इम्फाल के बाढ़ ग्रसित इलाके में बांस से बना ब्रिज टूट गया।

जम्मू-कश्मीर: 22 दिन बंद रहने के बाद वैष्णो देवी की यात्रा दोबारा शुरू हो गई है।

जम्मू-कश्मीर: 22 दिन बंद रहने के बाद वैष्णो देवी की यात्रा दोबारा शुरू हो गई है।

उत्तराखंड: देहरादून के मालदेवता में बादल फटने के बाद नदी-नाले उफान पर हैं।

उत्तराखंड: देहरादून के मालदेवता में बादल फटने के बाद नदी-नाले उफान पर हैं।

हैदराबाद में गुरुवार को जमकर बारिश हुई, इसके कारण सड़कों पर पानी भर गया।

हैदराबाद में गुरुवार को जमकर बारिश हुई, इसके कारण सड़कों पर पानी भर गया।

पंजाब: सतलुज का जलस्तर बढ़ने से किसान परेशान

मौसम विभाग के मुताबिक आज पंजाब के कई जिलों में बारिश का अलर्ट है। भाखड़ा बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आज बांध का जलस्तर 1677.68 फीट दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 1680 फीट से करीब 2.32 फीट कम है। एहतियातन बांध के चारों फ्लड गेट एक-एक फुट तक खोले गए हैं। फिलहाल बांध में पानी की आमद 56,334 क्यूसेक है, जबकि टरबाइनों और फ्लड गेटों के जरिए 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

बिहार: पटना में 30 मिनट तेज बारिश हुई

हिमाचल: इस मानसून सीजन 46% ज्यादा बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन 1 जून से 18 सितंबर के बीच 1019.4mm बारिश हो चुकी है। जो सामान्य तौर पर 698.3mm होती थी। यानी 46% ज्यादा बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 1901.2mm बारिश मंडी जिले में हुई।

उत्तर प्रदेश: आज 39 जिलों में बारिश का अलर्ट

यूपी में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। आज 39 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोनभद्र में रिहंद बांध इस साल पांचवीं बार ओवरफ्लो हो गया। वाटर लेवल 870.4 फीट पार होने पर सिंचाई विभाग ने तीन गेट खोल दिए। यह प्रदेश का सबसे बड़ा है। कौशांबी में बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची झुलस गई।

मध्य प्रदेश: राजस्थान-गुजरात से लौटने लगा मानसून

पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी होने लगी है।वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। गुरुवार को भी कई जिलों से मानसून लौट गया। यदि वापसी ही यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में ऐसी स्थिति बन सकती है।

बता दें कि मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 43.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

सितंबर में भी हिमालय पर नमी वाले बादल, इसलिए आपदाएं

अमूमन सितंबर में पहाड़ों से दक्षिण-पश्चिम मानसून या तो लौट जाता है या फिर पूरी तरह कमजोर पड़ जाता है, लेकिन इस बार इसका ठीक उल्टा हो रहा है।

मानसून कमजोर पड़ने की जगह मजबूत है। इससे सितंबर में भी उत्तराखंड में 26 साल बाद रिकॉर्ड बारिश हो रही है। पहाड़ भीतर तक गीले हो चुके हैं। इससे मिट्‌टी खिसक रही है। इसलिए बार-बार आपदाएं आ रही हैं।

2013 की केदारनाथ त्रासदी को छोड़ दें तो पहली बार किसी एक मानसून सीजन में उत्तराखंड में बारिश के कारण इतनी आपदाएं आई हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इन दिनों हिमालय पर नमी वाले बादलों का डेरा है और पहाड़ के लिए इस महीने में यह स्थिति चौंकाने वाली हैं। लगातार आपदाओं में 5 हजार से ज्यादा घर, दुकानें तबाह हो चुके। कई गांव मलबे में दफन हैं। 108 मौतें हो चुकी हैं।

हिमाचल भी बेहाल, अब तक 5 हजार करोड़ का नुकसान

उत्तराखंड की तरह हिमाचल प्रदेश भी बारिश से बेहाल हो चुका है। इस साल राज्य में बहुत ज्यादा विनाश हुआ है। अब तक 5 हजार करोड़ रु. का नुकसान हो चुका है। राज्य को तीन महीने तक लगातार बारिश, बादल फटने और भूस्खलन का सामना करना पड़ा, जिसमें 419 लोगों की मौत हो गई।आज से विदा हो सकता है मानसून: मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संजीव शर्मा के अनुसार मध्यम बारिश के साथ ही हिमाचल से मानसून 19 सितंबर से विदा होना शुरू हो सकता है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *