संभल : संभल में दशहरे के दिन बुलडोजर एक्शन चल रहा है। तालाब गुरुवार सुबह मैरिज हॉल को बुलडोजर से गिराया जा रहा है। इसके बाद बगल में बनी मस्जिद को ढहाया जाएगा। डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई मौके पर हैं। इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। करीब 200 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान तैनात हैं। ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
मामला संभल मुख्यालय से 30 किमी दूर राया बुजुर्ग गांव का है। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद और मैरिज हॉल तालाब की जमीन पर बने हैं। मस्जिद 550 वर्ग फीट और मैरिज हॉल 30 हजार वर्गफीट में बना हुआ है। दोनों को पूरा गिराया जाएगा।

जनता मैरिज हॉल पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। नोटिस की डेडलाइन खत्म होने के बाद एक्शन लिया गया।

पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मैरिज हॉल की दीवारों को तोड़ दिया गया है। 5 बुलडोजर बिल्डिंग गिराने का काम कर रहे हैं।
एसपी बोले- 30 दिनों का वक्त दिया जा चुका है
संभल SP केके बिश्नोई ने कहा- यह अवैध कब्जा है। इन्हें 30 दिनों का समय दिया गया था। इसके बाद भी जब नहीं तोड़ा गया तो प्रशासन ने एक्शन का फैसला किया। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- ये मस्जिद बहुत पहले चिह्नित की गई थी। 2 सितंबर को नोटिस दिया गया था।
मैरिज हॉल को गिराते समय मस्जिद कमेटी के लोगों ने डीएम-एसपी से मिलकर मस्जिद को खुद हटाने के लिए 4 दिन का समय मांगा है। हालांकि, डीएम ने कोई आश्वासन नहीं दिया है।
दरअसल, बुधवार को ही प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन की तैयारी कर ली थी। गांव में बैठक की थी। लोगों ने अपील की थी कि ग्रामीण बेवजह अपने-अपने घरों से बाहर न निकलें। इससे पहले 13 सितंबर को तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने सरकारी भूमि पर बनी मैरिज हॉल और मस्जिद पर लाल निशान लगाया था।
10 साल पहले बनाई गई थी मस्जिद और मैरिज हॉल
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मस्जिद और मैरिज हॉल को 10 साल पहले बनाया गया था। गांव के ही मिंजार नाम के एक व्यक्ति ने इनका निर्माण करवाया था। वह मस्जिद का मौलाना भी है। जिले में अवैध अतिक्रमण को लेकर जो सर्वे किया जा रहा है, उसमें ही इस मस्जिद और मैरिज हॉल का पता चला था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया की गई।
बुलडोजर एक्शन पर ओवैसी ने किया शायराना पोस्ट

ओवैसी ने लिखा- राज्य सरकार ध्वस्तीकरण में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही। बुलडोजर से जुल्म किया जा रहा है
ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा
ज़ुल्म की किस्मत-ए-नाकारा-ओ-रुसवा से कहो ज़ुल्म की बात ही क्या, ज़ुल्म की औकात ही क्या ज़ुल्म बस ज़ुल्म है — आगाज़ से अंजाम तलक
ख़ून फिर ख़ून है, सौ शक्ल बदल सकता है ऐसी शक्लें कि मिटाओ तो मिटाए न बनें
ऐसे शोले कि बुझाओ तो बुझाए न बने ऐसे नारे कि दबाओ तो दबाए न बनें…
10 साल पहले बनाई गई थी मस्जिद और मैरिज हॉल
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मस्जिद और मैरिज हॉल को 10 साल पहले बनाया गया था। गांव के ही मिंजार नाम के एक व्यक्ति ने इनका निर्माण करवाया था। वह मस्जिद का मौलाना भी है। जिले में अवैध अतिक्रमण को लेकर जो सर्वे किया जा रहा है, उसमें ही इस मस्जिद और मैरिज हॉल का पता चला था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया की गई।

