नई दिल्ली : यूपी नगर निकाय चुनाव को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिली, ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में निर्वाचन आयोग दो दिन में नोटिफिकेशन जारी कर देगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे मंजूरी दे दी। ऐसे में स्थानीय निकाय चुनाव (UP Municipal Election 2023) को लेकर जल्द ही तस्वीर साफ होने वाली है।
वहीं यूपी सरकार ने कहा अगर कोर्ट इजाजत देता है तो वह दो दिन के भीतर चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 28 दिसंबर 2022 को OBC आयोग का गठन किया गया था, इस मामले को लेकर 7 मार्च 2023 को आयोग ने अपनी रिपोर्ट दी।
इससे पहले निकाय चुनाव को लेकर पिछड़ों का आरक्षण तय करने के लिए गठित उप्र राज्य समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने निकायवार ओबीसी की आबादी की राजनीतिक स्थिति के आकलन के आधार पर आरक्षण की सिफारिश की थी। इसके लिए 1995 के बाद हुए निकायों के चुनाव के परिणामों को आधार बनाया गया। प्रदेश के सभी निकायों के परीक्षण के बाद आयोग ने 20 से 27 प्रतिशत की रेंज में अलग-अलग निकायों के लिए अलग-अलग आरक्षण देने की सिफारिश की।
साथ ही निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर सभी पार्टी अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। बसपा ने पहले ही साफ कर दिया है कि निकाय चुनाव की तैयारी में पार्टी के सभी 10 सांसदों को बसपा सक्रिय करेग। बसपा सुप्रीमो मायावती जल्द बैठक करके इन सांसदों को जिम्मेदारियां सौंपेंगी। इन सांसदों की दिल्ली में बैठक हो सकती है।
इन सांसदों को कैडर के अलावा अन्य वर्ग के युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

