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मुख्यमंत्री ने की बजट घोषणाओं की समीक्षा, अधिकारियों को काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

  • साइकिल वेलोड्रोम के लिए आवंटित की जाएगी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 10 एकड़ जमीन
  • हाउसिंग फॉर ऑल के तहत जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाए जाएंगे 1 लाख घर

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को वर्ष 2023-24 की बजट घोषणाओं संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश की जनता को विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं का लाभ जल्द से जल्द प्रदान किया जा सके।

मुख्यमंत्री कल देर रात वर्ष 2023-24 की बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की बजट घोषणाओं पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों से इस बारे में विस्तृत समय-सीमा सहित बिंदुवार समीक्षा की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बजट घोषणाओं के तहत अधिकांश परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अंतिम चरण में है और 30 अप्रैल तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

मनोहर लाल ने अधिकारियों को 500 पैक्स स्थापित कर सहकारी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए नई पैक्स नीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को एक महीने के भीतर सांझी डेयरी के पांच मॉडल को पायलट आधार पर चालू करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह एक अलग मॉडल है जो उन लोगों को सक्षम करेगा जिनके पास पशुपालन गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) से संबंधित योजना तैयार करने और इस संबंध में निविदाएं जारी करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को एक लाख किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए ग्राउंड प्लस-3 फ्लोर का स्ट्रक्चर बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में कुछ निश्चित मापदंडों के साथ नई योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर पालिकाओं में सफाई कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर उनकी श्रेणी में शीर्ष पचास में शामिल करने के अलावा 1000 रुपये प्रति माह की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के साथ इसी तरह की योजना राज्य स्तर पर भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर 50 प्रतिशत प्रदर्शन करने वाले नगर पालिकाओं के सफाई कर्मचारियों को शहर को स्वच्छ रखने के प्रयासों के सम्मान में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि एक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और 30 सितंबर तक इस प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कर लिया जाएगा।

राजस्व अर्जित करने वाली परियोजनाओं और खाली पड़ी जमीनों के मुद्रीकरण के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं के लिए खाली पड़ी जमीनों को बेचने तथा वैल्युएबल भूमि उपयोग के लिए बाहरी परिधि पर वैकल्पिक जमीन खरीदने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सितंबर के अंत तक पहले चरण में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और शहरी स्थानीय निकाय 100 और 200 अटल सेवा केंद्र स्थापित करेंगे। इसके अलावा, कपड़ा नीति को अधिसूचित किया जाएगा और नीति के तहत आठ में से चार योजनाओं को 30 अप्रैल तक अंतिम रूप दिया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद अनुराग रस्तोगी, आनंद मोहन शरण, अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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