- जीएलए विश्वविद्यालय में सर्विसनाउ सर्टिफिकेशन की शुरूआत
दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय ने उद्योग-संलग्न और कौशल-आधारित शिक्षा को नई ऊंचाई देते हुए विप्रो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सहयोग से सर्विसनाउ सर्टिफिकेशन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। इस पहल के साथ जीएलए विश्वविद्यालय देश के उन चार चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों में शामिल हो गया है, जिन्हें विप्रो ने इस प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम को संचालित करने के लिए चुना है।
यह कार्यक्रम छात्रों को सर्विसनाउ प्लेटफॉर्म से संबंधित अत्याधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। सर्विसनाउ विश्व के अग्रणी डिजिटल कार्यप्रवाह स्वचालन और उद्यम सेवा प्रबंधन प्लेटफॉर्म में से एक है। विप्रो द्वारा प्रायोजित यह प्रमाणन कार्यक्रम प्रति छात्र 600 अमेरिकी डॉलर मूल्य का है, जिसे जीएलए विश्वविद्यालय के 90 चयनित छात्रों को पूर्णत निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छात्रों को एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अनोखा अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी निदेशक डा. अशोक भंसाली ने कहा विप्रो के साथ यह साझेदारी जीएलए विश्वविद्यालय की उद्योग से जुड़ी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारा उद्देश्य छात्रों को भविष्य की डिजिटल कार्यसंस्कृति के अनुरूप तैयार करना है। सर्विसनाउ जैसे प्रमाणन कार्यक्रम न केवल छात्रों की दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय हमेशा से उद्योग के साथ मजबूत और सार्थक साझेदारी को प्राथमिकता देता आया है। विप्रो जैसी अग्रणी संस्था वर्षों से जीएलए से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है और छात्रों के कौशल-विकास, प्रशिक्षण तथा रोजगारोन्मुख पहलों में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान देती रही है। जीएलए के अनेक संकाय सदस्य भी विप्रो द्वारा नवीनतम तकनीकों पर प्रमाणित हैं, जिसके परिणामस्वरूप यह सहयोग छात्रों को उद्योग के वास्तविक परिवेश, कार्यप्रणालियों और उभरते तकनीकी रुझानों से प्रभावी रूप से परिचित कराने का मजबूत माध्यम बन रहा है।
जीएलए विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित सत्र में छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर विप्रो और सर्विसनाउ के विशेषज्ञों ने कार्यक्रम की रूपरेखा, सर्टिफिकेशन प्रक्रिया तथा रोजगार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रमाणन के माध्यम से छात्र सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रबंधन, कार्यप्रवाह स्वचालन, तथा क्लाउड एकीकरण जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बना सकेंगे, जो आज के तकनीकी युग में अत्यधिक मांग वाले क्षेत्र हैं।
इस अवसर पर कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप राठौर तथा ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट विभाग के जनरल मैनेजर डा. राजदीप देब ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल छात्रों की उद्योग तैयारी (इंडस्ट्री रेडीनेस) को नई दिशा देती हैं और उन्हें उच्च स्तर के रोजगार अवसरों के लिए तैयार करती हैं। यह प्रशिक्षण छात्रों को न केवल तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाता है बल्कि, उन्हें एक वैश्विक दृष्टिकोण वाला पेशेवर बनने की प्रेरणा भी देता है।
सर्विसनाउ सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के सफल शुभारंभ के साथ जीएलए विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वह उद्योगोन्मुख शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। विप्रो जैसी वैश्विक कंपनी के साथ वर्षों से स्थापित यह मजबूत साझेदारी जीएलए विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके अंतर्गत वह छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव, प्रौद्योगिकी आधारित कौशल और रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
यह पहल विश्वविद्यालय के उस दृष्टिकोण को सशक्त बनाती है जिसके केंद्र में वैश्विक स्तर पर सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष और नवाचार-प्रधान पेशेवर तैयार करना है, ऐसे युवा जो आने वाले समय की डिजिटल अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।

