नई दिल्ली : आर्मेनिया ने भारत से तेजस फाइटर जेट खरीदने की बातचीत फिलहाल रोक दी है। इजराइली मीडिया यरुशलम पोस्ट के मुताबिक यह फैसला 21 नवंबर को दुबई एयरशो में तेजस के क्रैश होने के बाद लिया गया। इस हादसे में भारतीय पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी।
आर्मेनिया, भारत से करीब 1.2 बिलियन डॉलर (₹10 हजार करोड़) में 12 तेजस विमान खरीदने की तैयारी कर रहा था। यह डील लास्ट स्टेज में थी। ये तेजस की पहली विदेशी डील हो सकती थी।
हालांकि इस पूरे मामले पर आर्मेनिया सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भारत सरकार ने भी अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
दुबई एयर शो में हुए हादसे का VIDEO

दुबई एयर शो में शुक्रवार को तेजस के क्रैश होने का फुटेज।
20 महीने में दूसरी बार तेजस क्रैश
दुबई एयर शो के आखिरी दिन शुक्रवार दोपहर करीब 2:10 बजे (भारतीय समय के मुताबिक 3.40 बजे) एरियल डिस्प्ले चल रहा था। इस दौरान भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान तेजस लो-एल्टीट्यूड मैन्यूवर कर रहा था।
तभी अचानक उसकी ऊंचाई कम हुई और कुछ ही सेकेंड में विमान जमीन पर जा गिरा। मौके पर विमान में धमाके के साथ आग लग गई। इस हादसे में पायलट की मौके पर ही मौत हो गई।
मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में भी तेजस क्रैश हुआ था, लेकिन तब पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गए थे। यह 20 महीने में तेजस का दूसरा हादसा है।
तेजस की 4 खूबियां बनाती हैं दूसरों से अलग
इस वक्त भारतीय वायु सेना के बेड़े में जो टॉप फाइटर जेट हैं उनमें सुखोई Su-30MKI, राफेल, मिराज, MiG-29 और तेजस का नाम शामिल है। तेजस अपनी इन खूबियों की वजह से बाकी के चारों फाइटर जेट से अलग और खास है…
पहली: इस विमान के 50% कलपुर्जे यानी मशीनरी भारत में ही तैयार हुई है।
दूसरी: इस विमान में मॉडर्न टेक्नोलॉजी के तहत इजराइल की EL/M-2052 रडार को लगाया गया है। इस वजह से तेजस एक साथ 10 लक्ष्यों को ट्रैक कर उन पर निशाना साधने में सक्षम है।
तीसरी: बेहद कम जगह यानी 460 मीटर के रनवे पर टेकऑफ करने की क्षमता।
चौथी: यह फाइटर जेट इन चारों में ही सबसे ज्यादा हल्का यानी सिर्फ 6500 किलो का है।

