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UP: बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने का क्यों हो रहा विरोध, जाने लें ये तीन मुख्य वजह

  • नए स्मार्ट मीटर लगाने पर ग्रामीण भड़क गए, उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने का का कोई औचित्य नहीं है

आगरा : दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। देहात क्षेत्र के कई गांवों में मीटर लगाने पहुंच रही बिजली विभाग की टीमों को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब पुराने मीटर सही ढंग से कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कोई औचित्य नहीं है।

बृहस्पतिवार को खेरागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीरई में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची डीवीवीएनएल की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। टीम ने कुछ घरों में मीटर लगाए, लेकिन बाद में ग्रामीणों ने एकजुट होकर काम रुकवा दिया। ग्रामीण चंद्रभान सिंह, गौरव शर्मा, चंद्रप्रकाश धाकरे, रोहित परिहार और राजू शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर पर उपभोक्ताओं में स्पष्ट जानकारी और भरोसा नहीं है। नए मीटर लगने के बाद बिजली बिल अधिक आएगा, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

सरकारी धन की बर्बादी है स्मार्ट मीटर लगाना
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को पहले खराब और बंद पड़े मीटरों को बदलना चाहिए। जो मीटर सही स्थिति में है, उन्हें हटाना केवल सरकारी धन की बर्बादी है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने विभाग से स्मार्ट मीटर के लाभ, बिलिंग प्रणाली और शिकायत निवारण प्रक्रिया पर खुली बैठक कर जानकारी देने की मांग की है। 

बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की कवायद
डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीमित संख्या में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाया जा सके। यदि किसी उपभोक्ता को कोई समस्या आती है, तो वह नजदीकी उपखंड कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसका तुरंत समाधान किया जाएगा। 

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