Breaking
Thu. Feb 12th, 2026

गुपचुप तरीके से हुई आसिम मुनीर की बेटी की शादी, भाई ही बन गया दूल्हा; जानिए क्या करता है फील्ड मार्शल का दामाद?

  • पाकिस्तान के आर्मी हेडक्वार्टर में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की बेटी महनूर की शादी बेहद गोपनीय तरीके से हुई, इस निकाह में पाकिस्तान की टॉप लीडरशिप और PAK फौज के बड़े-बड़े अधिकारी शामिल हुए

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की बेटी महनूर का निकाह रावलपिंडी के पाकिस्तान आर्मी हेडक्वार्टर में हुआ। दावा किया जा रहा है कि 26 दिसंबर को अब्दुल रहमान, आसिम मुनीर की बेटी महनूर के शौहर बन गए। अब्दुल रहमान, महनूर के फर्स्ट कजिन और जनरल मुनीर के भतीजे हैं। ये निकाह गोपनीय रखा गया, इसकी ना कोई आधिकारिक तस्वीरें जारी हुई हैं और ना ही निकाह के बारे में पब्लिकली कुछ बताया गया है। कहा जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से ऐसा फैसला लिया गया है।

इस निकाह में पाकिस्तान की टॉप पॉलिटिकल और मिलिट्री लीडरशिप की मौजूदगी रही। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, पीएम शहबाज शरीफ, उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, आईएसआई प्रमुख और कई सीनियर सैन्य अफसर शामिल हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 400 मेहमानों ने मुनीर की बेटी के निकाह में शिरकत की, लेकिन पूरा कार्यक्रम शांति से और लो-प्रोफाइल तरीके से हुआ।

आसिम मुनीर का दामाद क्या करता है?

जान लें कि आसिम मुनीर का दामाद अब्दुल रहमान पाकिस्तानी फौज में कैप्टन रह चुका है। इसके बाद उसने सेना अधिकारियों के लिए रिजर्व कोटे के तहत सिविल सेवा में एंट्री ली। वर्तमान में वह असिस्टेंट कमिश्नर है। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की 4 बेटियां हैं। महनूर उसकी तीसरी बेटी है, जिसकी शादी अब्दुल रहमान के साथ हुई है।

PAK पर क्यों जवाब दे रहा ग्लोबल कम्युनिटी का धैर्य?

ग्रीक सिटी टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार, जनरल आसिम मुनीर की लीडरशिप में पाकिस्तान धार्मिक कट्टरता तेजी से बढ़ रही है, जिससे ग्लोबल कम्युनिटी का धैर्य जवाब देने लगा है। वहीं, एशियन न्यूज़ पोस्ट की रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान की मिलिट्री डॉमिनेटेड स्ट्रैटेजी ना तो बॉर्डर को सुरक्षित कर पाई, न नागरिकों को सिक्योर कर सकी और ना ही इंटरनेशनल लेवल पर ग्लोबल कम्युनिटी का विश्वास जीत पाई।

अफगानिस्तान-पाकिस्तान टकराव भी सेना की तरफ से की जाने कूटनीति का परिणाम बताया जाता है, जहां उन तालिबान को सीमा-पार हिंसा के लिए दोषी करार दिया जाता है, जिसका कभी पाकिस्तानी सरकार ने वेलकम किया था।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *