नई दिल्ली : राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राहुल गांधी की स्पीच शुरू होते ही हंगामा हो गया। दरअसल, राहुल ने कहा, डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। मैं यह बात एक मैगजीन के आर्टिकल के हवाले से कह रहा हूं। जिसमें पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब (मेमॉयर) को कोट किया गया है।
राहुल बोले- ‘आप सब ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। 4 चीनी टैंक डोकलाम में भारत की धरती पर आ रहे थे। वे कुछ 100 मीटर ही दूर थे।’
इसके बाद पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टोका फिर स्पीकर ओम बिड़ला ने किताब सदन में रखने पर जोर दिया। राजनाथ ने कहा- वे (राहुल) बताएं कि यह किताब पब्लिश हुई है या नहीं। सदन को गुमराह ना करें।
राहुल की बात पर 46 मिनट तक हंगामा चला। हर बार उनके बोलने पर स्पीकर ओम बिरला ने टोका और नियमों का हवाला दिया। राजनाथ, शाह, रिजिजू और निशिकांत दुबे भी उनका विरोध करते दिखे।

राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब के अंश दिखाए।
लोकसभा में क्या हुआ, सिलसिलेवार पढ़िए…
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जिस किताब के बारे में बोल रहे हैं वह किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
राजनाथ सिंह खड़े हुए और बोले, ‘अगर ये बातें प्रकाशित हुई हैं तो इसका जिक्र करें नहीं तो छोड़ दें।’
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, राहुल जी आप सदन में नेता विपक्ष हैं। सांसद प्रियंका ने एक बात कही थी तो उन्होंने ऑथेंटिक स्तर पर प्रस्तुत किया था। आपसे भी यही अपील है’
राहुल ने कहा, ‘ये सौ प्रतिशत ऑथेंटिक है। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल बताएं कि क्या यह प्रकाशित हुआ है या नहीं केवल इतना बताएं।’ लोकसभा में एनडीए और विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
ओम बिरला ने कहा कि रक्षामंत्री सही कह रहे हैं। आप सदन में इसका जवाब दें। आप सदन में है, विपक्ष के नेता हैं सही नियम से चलें।
राहुल ने कहा- नरवणे की किताब में रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री का जिक्र है। मैं वही बता रहा हूं।
- अमित शाह ने बताया कि वह मैग्जीन की रिपोर्ट है, नरवणे जी ने ऐसा नहीं कहा है। मैगजीन तो कुछ भी लिख सकता है।
- ओम बिरला ने कहा कि अखबार की कटिंग ही सदन में चल सकती है, इसके अलावा कुछ नहीं रख सकते।
- राहुल ने कहा, ये सब नरवणे ने कहा है। उनकी किताब को प्रकाशित नहीं करने दिया गया है।
- अमित शाह ने कहा- राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है। अब बात ही खत्म हो जाती है। जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं।
- ओम बिरला ने माइक का कंट्रोल बंद करने का निर्देश दिया
- राजनाथ बोले- सदन के नियमों का उल्लंघन न करें राहुल जी।
- राजनाथ सिंह ने कहा- मैं केवल यह चाहता हूं कि राहुल जी वह किताब ले आएं मैं देखना चाहता हूं। मैं दावे से कह रहा हूं कि वह किताब पब्लिश ही नहीं है।
- राहुल गांधी ने कहा- एक मैगजीन है उसमें एक आर्टिकल है मैं उसको कोट कर रहा हूं।
- राजनाथ ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि सदन में इस मुद्दे पर बोलने की परमिशन नहीं दी जानी चाहिए।
- अखिलेश यादव ने कहा, चीन का सवाल सेंसेटिव है। अगर देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है तो राहुल जी को पढ़ने देना चाहिए।
- किरेन रिजिजू ने कहा- हम सुनने के लिए बैठे हैं। अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं। लेकिन फिर भी वे पढ़ रहे हैं। ऐसे कैसे चलेगा।
- ओम बिरला ने कहा- सदन में अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन नियम से चलें।
- राहुल गांधी ने कहा, वे एमपी थे, वे हमारे चरित्र पर बोले थे। राजनीति पर नहीं। वे बोले कि हम एंटी नेशनल हैं।
- अमित शाह ने कहा- मैंने तेजस्वी का भाषण ध्यान से सुना। उन्होंने विपक्ष की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया। वे सरकारों की मंशा पर बोले हैं। राहुल गांधी कह रहे हैं कि हमारे चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। वे कह रहे हैं चाइनीज टैंक आए, इनको किसने बताया।
नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’, पब्लिश नहीं हुई
पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ लिखी जा चुकी है। इसे पेंग्विन पब्लिकेशन प्रकाशित करने वाला है। हालांकि,अब तक पब्लिश नहीं हुई है।

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे का जन्म 22 अप्रैल 1960 को पुणे में हुआ था। उनके पिता इंडियन एयरफोर्स में रह चुके हैं। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) पुणे और इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) देहरादून से पढ़ाई की हैं। इसके अलावा उनके पास डिफेंस स्टडीज में M.Phil की डिग्री भी है।
जून 1980 में नरवणे को सिख लाइट इन्फैंट्री की 7वीं बटालियन में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की 2वीं बटालियन, 106 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली।
16 दिसंबर 2019 को जनरल एमएम नरवणे को आर्मी चीफ बनाए जाने की घोषणा हुई। 31 दिसंबर 2019 को उन्होंने औपचारिक रूप से आर्मी चीफ का पद संभाला। उन्होंने जनरल बिपिन रावत की जगह ली। नरवणे अप्रैल 2022 में आर्मी चीफ के पद से रिटायर हुए।
हंगामा के बाद लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित
स्पीकर ओम बिरला ने कहा- आप सदन में उन तथ्यों पर बोलें जो देश हित में हैं।
किरेन रिजिजू- आप बार-बार ऐसी बात बोल रहे हैं जो ऑथेंटिक नहीं है। आप सेना को नीचा दिखा रहे हैं।
हंगामे के बाद सदन की कार्रवाई 4 बजे तक स्थगित। कार्यवाही सिर्फ 9 मिनट चली।

