जयपुर : राजस्थान सरकार स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों को टोल फ्री नहीं करेगी। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने भाजपा विधायक के सवाल के जवाब में कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
विधानसभा में आज प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद बजट पर बहस शुरू होगी। बजट पर बहस के दौरान विपक्षी कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के विधायकों के बीच जमकर वार पलटवार के दौर चलेंगे।
सरकारी नौकरियों की घोषणा नहीं होने और बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस, भाजपा विधायक एक दूसरे की सरकारों की कमियां-खामियां गिनाएंगे।
बजट बहस शुरू होने से पहले विधानसभा में कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग बीएसी के फैसलों का प्रतिवेदन पढ़कर सुनाएंगे।
अगले सप्ताह डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट बहस का जवाब देंगी। बजट बहस का जवाब देते हुए भी कई बड़ी घोषणाएं करने की परंपरा रही है, ऐसे में उस समय कई घोषणाएं होने के आसार हैं।

डिप्टी सीएम दीया कुमारी 11 फरवरी को भजनलाल सरकार का तीसरा फुल बजट पेश किया था। अगले सप्ताह वे कई और घोषणाएं कर सकती हैं।
वसुंधरा सरकार ने किया था टोल फ्री
प्रदेश के स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को सरकार टोल फ्री नहीं करेगी।
भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल के सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने ने कहा कि 14 मई 2018 को निजी हल्के वाहनों को स्टेट हाईवे से टोल मुक्त करने की अधिसूचना को 31 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने वापस ले लिया था।
निजी वाहनों को स्टेट हाईवे पर टोल मुक्त करने का राज्य सरकार के पास वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
वसुंधरा राजे सरकार के समय 2018 में छोटे निजी वाहनों को स्टेट हाईवेपर टोल फ्री करने का फैसला किया था। इस फैसले को गहलोत सरकार ने पलट दिया था।
राइट टू हेल्थ कानून के नियमों पर भी सरकार रूख साफ करेगी
पिछली गहलोत सरकार के समय बने राइट टू हेल्थ एक्ट के नियम अब तक लागू नहीं होने के मुद्दे पर भी आज स्थिति साफ होगी।
कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने राइट टू हेल्थ पर सवाल लगाया है।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर राइट टू हेल्थ के नियम लागू करने को लेकर सरकार का स्टेंड बताएंगे।
इस कानून को लेकर खूब सियासी आरोप प्रत्यारोप का दौर चला है।

