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मथुरा के बलदेव में प्रसूता-नवजात मौत मामला: तहरीर के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं, लापरवाही और साजिश के आरोपों से घिरी पुलिस

मथुरा (बलदेव) : थाना बलदेव क्षेत्र में प्रसूता और नवजात शिशु की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। इसे लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस पर टालमटोल का आरोप लगाया है।

अलीगढ़ जनपद के थाना इगलास क्षेत्र के नगला अहिवासी निवासी संतोष गौड़ ने बलदेव थाने पहुंचकर दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री नीतेश गौड़ की शादी 20 अप्रैल 2022 को बलदेव निवासी हेमंत पांडेय उर्फ दाऊजी के साथ की थी। विवाह में उन्होंने सोने-चांदी के आभूषणों सहित करीब 11 लाख रुपये खर्च किए थे। आरोप है कि शादी के बाद से ही मोटरसाइकिल और अन्य सामान की मांग को लेकर उनकी पुत्री को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।

पीड़ित पिता के अनुसार 13 मार्च 2023 को उनकी पुत्री ने ऑपरेशन के माध्यम से एक बच्ची को जन्म दिया था। इसके बावजूद 7 फरवरी 2026 की रात जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो ससुराल पक्ष ने उसे समय रहते किसी विशेषज्ञ अस्पताल नहीं पहुंचाया। आरोप है कि पहले घर पर ही प्रसव कराने का प्रयास किया गया। जब स्थिति नियंत्रण में नहीं आई और हालत बिगड़ने लगी तो काफी देर तक सरकारी एंबुलेंस का इंतजार किया गया। एंबुलेंस आने के बाद भी उसे निजी या उच्च सुविधा वाले अस्पताल ले जाने के बजाय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमीरपुर, बलदेव ले जाया गया।

नहीं बताया गया कि पूर्व में प्रसव ऑपरेशन से हुआ था

परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों को यह नहीं बताया गया कि पूर्व में प्रसव ऑपरेशन से हुआ था। उनका कहना है कि यदि समय पर सही चिकित्सकीय जानकारी दी जाती और उचित चिकित्सा प्रबंधन होता तो संभवतः प्रसूता और नवजात की जान बचाई जा सकती थी। 8 फरवरी की सुबह करीब 7:30 बजे मां और नवजात की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना भी मायके पक्ष को देर से दी गई।

मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस अब तक केवल पोस्टमार्टम (पीएम) न होने की बात कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से बच रही है। परिवार का कहना है कि प्रारंभिक जांच, बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने सास, ससुर, देवर और पति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले में एक मासूम बच्ची जीवित है, जिसके भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को बाध्य होंगे और कोर्ट की शरण लेंगे।

थाना प्रभारी का कहना है कि तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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