- चुनाव आयोग गुवाहाटी पहुंचकर राज्य के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक करेगा और उनसे सुझाव व फीडबैक लेगा
इस साल पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले चुनाव आयोग एक्टिव हो गया है। आयोग ने विधानसभा चुनावों के लिए सोमवार से इन राज्यों में दौरा करना भी शुरू कर दिया है। सबसे पहले EC की चुनाव असम का दौरा करेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सोमवार को गुवाहटी पहुंचेगी। यहां से टीम की 18 फरवरी को वापसी होगी। इसके बाद अन्य राज्यों का दौरा शुरू होगा।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ होगी बैठक
बता दें कि चुनाव आयोग गुवाहाटी पहुंचकर राज्य के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक करेगा और उनसे सुझाव व फीडबैक लेगा। इसके अलावा, आयोग असम के मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी जिलों के डीएम और एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी अलग से बैठक करेगा।
EC का दौरा महत्वपूर्ण क्यों?
बता दें कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले चुनाव आयोग की टीम संबंधित राज्य का दौरा करती है। इस दौरे का उद्देश्य यह देखना होता है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं या नहीं। टीम कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेती है और राजनीतिक दलों, पुलिस-प्रशासन व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करती है।

मतदान केंद्रों का किया जाता है आकलन
इस दौरान संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या का आकलन किया जाता है, साथ ही यह भी तय किया जाता है कि कितने पोलिंग बूथ बनाए जाएं ताकि मतदाताओं को वोट डालने के लिए दूर न जाना पड़े। इन सभी व्यवस्थाओं की जांच के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाता है।
कब हो सकता है चुनावों का ऐलान?
दरअसल, चार राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल मई में और पुडुचेरी का जून में खत्म हो रहा है। सबसे पहले 7 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होगा। सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा 6 अक्टूबर 2025 को हुई थी। वहां दो चरणों में मतदान हुआ और चुनावी प्रक्रिया 16 नवंबर को पूरी हो गई, जबकि विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक था। इसी उदाहरण को देखते हुए माना जा रहा है कि इन पांच राज्यों में भी चुनावों की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह के बाद ही की जाएगी।

