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जीएलए छात्र की आईआईएम शिलोंग में रिस्पॉन्सिबल एआई पर इंटरनेशनल प्रस्तुति

दैनिक उजाला, मथुरा: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट से बीबीए द्वितीय वर्ष के छात्र हर्ष अग्रवाल ने भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग में आयोजित आई-मार्क वी 5वीं अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग कॉन्फ्रेंस में अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। यह अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति में आयोजित हुई, जिसमें समकालीन मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।

हर्ष अग्रवाल के शोध पत्र का शीर्षक “ब्रिजिंग प्राइवेसी एंड एक्सपेक्टेशंसरू कंज्यूमर एडॉप्शन ऑफ रिस्पॉन्सिबल एआई” रहा। यह शोध उपभोक्ताओं, विशेष रूप से विद्यार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की प्रक्रिया, उनकी अपेक्षाओं तथा गोपनीयता से जुड़े पहलुओं पर केंद्रित है। शोध में यह समझने का प्रयास किया गया कि छात्र एआई तकनीक को किस दृष्टिकोण से देखते हैं, वे इससे क्या अपेक्षाएं रखते हैं और डेटा प्राइवेसी के प्रति उनकी सोच क्या है।

यह शोध कार्य लगभग 1,000 विद्यार्थियों पर आधारित सर्वेक्षण पर आधारित रहा, जिसके माध्यम से एआई के उपयोग, उसके प्रभाव तथा छात्रों की मानसिकता का विश्लेषण किया गया। शोध के निष्कर्षों में पाया गया कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों पर एआई और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकी का कोई अत्यधिक नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित नहीं होता। इससे यह विषय वर्तमान शैक्षणिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध होता है। शोध में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि एआई का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग किया जाए तो यह छात्रों के लिए सहायक और उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

यह शोध पत्र इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, जीएलए विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रीति तरकर के मार्गदर्शन में तैयार एवं प्रस्तुत किया गया। डॉ. प्रीति तरकर ने शोध की प्रारंभिक अवधारणा से लेकर डेटा संग्रह, विश्लेषण और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुति तक छात्र का निरंतर मार्गदर्शन किया। हर्ष अग्रवाल एवं डॉ. प्रीति तरकर दोनों ने भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में सहभागिता की।

250 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए

इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भारत सहित विभिन्न देशों से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों द्वारा लगभग 250 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन समिति द्वारा हर्ष अग्रवाल की प्रस्तुति की विशेष सराहना की गई। उन्हें इस कॉन्फ्रेंस में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले सबसे कम आयु के प्रतिभागी के रूप में विशेष रूप से प्रशंसा प्राप्त हुई, जो जीएलए विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। छात्र के शोध पत्र का सारांश भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग द्वारा प्रकाशित बुक ऑफ एब्स्ट्रैक्ट्स में भी सम्मिलित किया गया है।

इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. उत्कल खंडेलवाल एवं एसोसिएट विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णवीर सिंह ने छात्र की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंचों पर प्रस्तुति के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सहयोग, अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन तथा अनुसंधान-अनुकूल वातावरण छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं और जीएलए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती हैं।

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