वाराणसी : पश्चिमी यूपी में मौसम अचानक बदल गया है। बुलंदशहर में तेज बारिश हुई है। मेरठ में बादल छाए हैं। संभल, गाजियाबाद और अमरोहा में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने आज यानी 18–19 फरवरी को बारिश-ओलों का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को पश्चिमी यूपी के 13 जिलों में बारिश हो सकती है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली कड़कने और ओले गिरने की भी संभावना है।
मंगलवार की बात करें तो 31.6 डिग्री के साथ बांदा सबसे गर्म जिला रहा। 31.2 डिग्री के साथ हमीरपुर दूसरे स्थान पर और 31 डिग्री के साथ प्रयागराज तीसरे स्थान पर रहा। सबसे कम तापमान 15.4 डिग्री इटावा में रिकॉर्ड किया गया।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया-

अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

बुलंदशहर में बुधवार सुबह तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुमान यहां कल भी एक ऐसा ही मौसम रहेगा।

गोरखपुर में बुधवार सुबह मौसम साफ रहा। आज शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री है।
अगर तेज हवा के साथ बारिश हुई तो गेहूं और सरसों की फसल गिर सकती है। इससे दाने कमजोर हो जाएंगे और पैदावार पर असर पड़ेगा। इसलिए मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट रहने को कहा है और खुले स्थानों पर कटी हुई फसलों को रखने से मना किया है।

तस्वीर राजस्थान की है। वहां ओले के साथ बारिश हुई है।
यूपी से सटे जयपुर में बारिश-ओले गिरे, उत्तराखंड में बर्फबारी का अलर्ट
बुधवार को कानपुर, मेरठ समेत कई शहरों में सुबह हल्के बादल छाए रहे। वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के कारण राजस्थान का मौसम बदल गया है। जयपुर, अलवर, टोंक सहित कई जिलों में बुधवार सुबह बरसात हुई। जयपुर शहर के आसपास के इलाकों में ओले भी गिरे। तापमान में गिरावट के साथ हवा में भी ठंडक बढ़ गई है।
वहीं, उत्तराखंड में भी आज, 18 फरवरी को 5 जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाके शामिल है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार 3300 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, राजस्थान में हो रही बारिश का असर शाम या दोपहर तक यूपी के कुछ इलाकों में भी हो सकता है।
अब तक कैसा रहा मौसम नोएडा स्थित स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत बताते हैं- यूपी में 2 साल के मुकाबले इस बार कम ठंड रही। दिसंबर-जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहे। 1 जनवरी से 11 फरवरी के बीच 36 फीसदी की कमी देखी गई। इस बार एक्सट्रीम ठंड देखने को नहीं मिली। ला-नीना एक्टिव न होने की वजह से ठंड ज्यादा नहीं पड़ सकी।
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश भी यही बताते हैं कि इस बार प्रदेश में सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता भी कम रही। इससे ठंड के सीजन में बारिश भी सामान्य से कम हुई।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव बताते हैं- अब ठंड अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। अभी वसंत का मौसम चल रहा है। अगले 2-3 हफ्तों तक मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान सुबह और रात में हल्की ठंड रहेगी, जबकि दोपहर में धूप थोड़ी तेज महसूस होगी।
वेदर एक्सपर्ट महेश पलावत के अनुसार, 18 फरवरी के आसपास यूपी के कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इसमें हाथरस, मथुरा, प्रयागराज, वाराणसी, बांदा, ललितपुर और झांसी जैसे इलाके शामिल हैं।
कब से भीषण गर्मी पड़ेगी और कितना पहुंचेगा पारा
मार्च के पहले हफ्ते से गर्मी की शुरुआत
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव कहते हैं- मार्च के पहले हफ्ते से मौसम पूरी तरह बदलने लगेगा और गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। दिन और रात, दोनों के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मार्च के आखिरी हफ्ते तक यूपी के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मई-जून में 42 से 45 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
मनोज श्रीवास्तव कहते हैं- अप्रैल में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मई-जून में कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि केवल दिन ही नहीं, रात के समय भी गर्मी से राहत कम मिलेगी और उमस बनी रहेगी।
हालांकि, यह काफी हद तक अल नीनो की स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर अल नीनो की स्थिति बनी रहती है या मजबूत होती है, तो गर्मी की हालत और ज्यादा गंभीर हो सकती है।
हीट वेव ज्यादा दिनों तक चलेगी
यूपी समेत देशभर में मार्च से मई के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इसमें सिर्फ मार्च महीने में पूरे देश में अधिकतम और न्यूनतम, दोनों तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।
साथ ही, हीट वेव के दिनों की संख्या भी सामान्य से ज्यादा रहेगी। सिर्फ पूर्वोत्तर भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्र में आने वाले महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में हीट वेव के दिन सामान्य रहेंगे।

