मथुरा : केएम विश्वविद्यालय के कृदय 2.0 वार्षिकोत्सव की श्रृंखला में भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे क्विज, क्रॉसवर्ड, बिजऩेस प्लान, सोलो डॉस, ग्रुप डॉस, टीशर्ट पेंटिंग, सोलो सिंगिंग, डुएट सिंगिंग सहित भारतीय संस्कृति से परिपूर्ण हरियाणवी-राजस्थानी नृत्य, बांसुरीवादन कार्यक्रमों में विवि के छात्र-छात्राओं ने नई कला का परिचय देकर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। सफेद कोट और विश्वविद्यालय की ड्रेस में रहने वाले छात्रों ने यह साबित किया कि वह अपनी शिक्षा तक सीमित नहीं बल्कि कला और संस्कृति से भी गहराई से जुड़े हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति, कुलसचिव डा. पूरन सिंह, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे, डिप्टी रजिस्ट्रार सुशील अग्रवाल, सहायक रजिस्ट्रार दीपक माथुर ने माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि सहित अन्य का सीनियर छात्रों ने गुलदस्ता और पटुका पहनाकर स्वागत किया। कृदय 2.0 वार्षिकोत्सव का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां पर वो अपनी अतिरिक्त कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें। शुक्रवार रात कृदय को शानदार बनाने के लिए डीजे नाइट का आयोजन किया गया। जिसमे छात्र छात्राओं द्वारा फिल्मी गानों पर जमकर डांस किया।
मनोरंजन से भरपूर कार्यक्रमों की श्रृंखला ने पूरे विश्वविद्यालय को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। पार्थ, प्रतिष्ठा, रोहित-अभिषेक, प्राची ग्रुप, एकाग्र, सुहानी, देवांशी-शायली, तमन्ना, अंजिली, पायल-प्रिया, कीर्तिका गुप्त, भूमिका, गायत्री गु्रप, प्राची-सुहानी, हार्दिक-ऋतुजा, अमीकेत, पार्थ, पलक ग्रुप, माही, स्वाती गु्रप, वेदिका, अभय, श्रुति, नीलेश, सम्यक-याश्स्वी, डा. विजय ने आत्मविश्वास से भरी बेहतरीन प्रस्तुती का मंचन किया।
मंच का संचालन एमबीबीएस की अश्लेषा, श्रुति, सौम्या, अविशिंका ने किया, कार्यक्रम के निर्देशन में डा. दिनेश कुमार सिंह, डा. अरविन्द चौधरी, डा. प्रशांत कुमार, डा. अस्मिता शर्मा, डा. चेतन त्यागी, डा. पायल भारद्वाज विशेष सहयोग रहा। इस अवसर विवि के खेल निदेशक आरके शर्मा, एचओडी डा. हरिनारायण यादव, डा. सुमित मोहन, डा. रंजीत पुण्डीर डा. खुर्शीद आलम, डा. रिंकू, रवि कुमार, शुभम गुप्ता, रोहित, सचिन चौधरी, राहुल, देवेन्द्र आदि सहित सभी संकायों के डीन, प्रोफेसर, यूजी-पीजी चिकित्सक व सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

