- अहमदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, महीने में लगभग ₹10 से ₹12 हजार कमाने वाले एक रिक्शा चालक दीप ओड (Deep Od) के बैंक खाते में ₹300 करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ है
अहमदाबाद: अहमदाबाद में अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी और शेयर बाजार में हेरफेर से जुड़े लगभग ₹550 करोड़ के हवाला रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ED ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि महीने में लगभग ₹10 से ₹12 हजार कमाने वाले एक रिक्शा चालक दीप ओड (Deep Od) के बैंक खाते में ₹300 करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ था। यह खाता किराये पर देकर क्रिकेट सट्टेबाजी और शेयर बाजार के अवैध पैसों का लेनदेन किया जा रहा था।
ED की पूछताछ में दीप ने कबूल किया कि उसने अपना बैंक खाता ₹25 हजार में करण परमार उर्फ लाला को किराये पर दिया था। चेक पर हस्ताक्षर करने के बदले उसे ₹400 प्रति चेक दिए जाते थे। दीप के पैन कार्ड और आधार कार्ड के आधार पर “दीप एंटरप्राइजेज” नाम की फर्म भी बनाई गई थी।
इसके अलावा कमलेश ट्रेडिंग और रोनक ट्रेडर्स नाम की दो कंपनियां भी केवल कागजों पर बनाई गई थीं। वर्ष 2024 में खोले गए बैंक खातों में लगभग ₹550 करोड़ का लेनदेन होने का खुलासा हुआ है। वास्तव में ये कंपनियां कोई वास्तविक व्यापार नहीं कर रही थीं। किराये पर लिए गए खातों के माध्यम से फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये का हवाला लेनदेन किया जा रहा था।
गरीब व्यक्ति के खाते में ₹300 करोड़ का लेनदेन
ED की टीम ने इन फर्जी कंपनियों की जांच कर ₹550 करोड़ के हवाला नेटवर्क का पता लगाया। जब एक गरीब व्यक्ति के खाते में ₹300 करोड़ का लेनदेन पाया गया, तब इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई। कंपनियों के पंजीकरण के लिए जो बैंक खाते दिए गए थे, वे शेख मोईन मोहम्मद शफी नाम के व्यक्ति के बताए जा रहे हैं।
वर्ष 2024 में खोले गए इन तीन बैंक खातों में कुल ₹550 करोड़ का लेनदेन हुआ था, जबकि ये कंपनियां किसी प्रकार का वास्तविक व्यापार नहीं करती थीं। इतने बड़े पैमाने पर लेनदेन कैसे हुआ, इसकी जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से आने वाला पैसा इन खातों के माध्यम से घुमाया जाता था।
शेयर बाजार में सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए कृत्रिम रूप से टर्नओवर बढ़ाकर शेयरों की कीमतों में असामान्य वृद्धि की जाती थी। जांच के दौरान गांधीधाम के एक व्यवसायी आदिल उर्फ लाला सहित कई खर्चों और लेनदेन का भी पता चला है। इसके अलावा ई-गुरु को डोनेशन और पेननी स्टॉक्स में भी पैसों की हेराफेरी की गई थी।
ED की जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग कंपनियों में ₹80.50 करोड़, ₹52.11 करोड़ और ₹22.86 करोड़ ट्रांसफर किए गए थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि टर्नओवर को कृत्रिम रूप से बढ़ाकर शेयरों की कीमतों में उछाल लाया जाता था और शेयर बाजार में एक सर्किट बनाकर कीमतों से खेल किया जाता था। कई बार अचानक टर्नओवर बढ़ाकर शेयर के दामों में तेजी लाई जाती थी।
ED की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक कंपनी के शेयर की कीमत केवल 12 महीनों में 10,000 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई थी। इसके बाद SEBI ने उस शेयर की ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है और अलग से जांच शुरू कर दी है।
ED ने इस मामले में करण परमार उर्फ लाला, महादेव, जुगल, रवि और वरराज के खिलाफ अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर आगे की जांच जारी है।

