भोपाल : कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने इसे सामान्य शादी मानने से इनकार करते हुए इसे “प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद” बताया है।
खरगोन में फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा के साथ मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि शरजील इमाम के अपने भाई की शादी के लिए पैरोल पर बाहर आने के बाद आतंकी संगठन फिर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में कट्टरपंथी संगठनों की भूमिका हो सकती है और इसकी जांच सुरक्षा एजेंसियों से कराई जानी चाहिए।
हिन्दू मैरिज एक्ट का उल्लंघन हुआ
नाजिया खान ने कहा- ये सिर्फ नॉर्मल शादी नहीं हैं। ये प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद है। इस्लामिक जिहादी रेडिकल इस्लामिस्ट और पीएफआई की मिली जुली लव जिहाद की यह पूरी कार्रवाई की गई है। इसमें हिन्दू मैरिज एक्ट 1955 का उल्लंघन किया गया है। हिन्दू सनातन धर्म में विवाह की जो प्रथा होती हैं उनका भी मिसयूज किया गया है।
कहीं न कहीं उसका भी मजाक उड़ाने का प्रयास किया गया है। क्योंकि, फरमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि वो अभी भी मुसलमान है। तो एक मुसलमान हिन्दू प्रथा से कैसे शादी कर सकता है।अगर हिन्दू मैरिज एक्ट से वो शादी कर रहा है मंदिर में शादी कर रहा है तो उसके पास कौन सा प्रूफ है जो उसने अब तक नहीं दिखाया कि उसने पहले हिन्दुत्व कबूल किया है। उसे हिन्दुत्व कबूल करना है तब तो वो हिन्दू प्रथा से शादी कर सकता है। यहां पर हिन्दू मैरिज एक्ट का उल्लंघन हुआ है। हिन्दू रिलीजन को हर्ट करने का और मिसयूज करने का एक बड़ा क्राइम सामने आ रहा है।
शरजील इमाम की पैरोल के बाद एक्टिव हुए आतंकी संगठन
नाजिया ने कहा- शरजील इमाम जैसे ही अपने भाई की शादी की पैरोल पर बाहर आया है वैसे ही ये जितने भी टैरेरिज्म ऑर्गेनाइजेशन हैं वो एक्टिव हो चुके हैं। अभी हाल ही में हमने उत्तर प्रदेश में छांगुर पीर जलालुद्दीन को देखा कि वो कैसे लव जिहाद की स्ट्रैटजी चला रहा था।
नाजिया ने कहा- हमने केजीएन जिमखाने का मामला भी देखा। हमने बस्ती में देखा कि बस्ती में तीन मुसलमान लड़के तीन सौ से ज्यादा लड़कियों के न्यूड फोटो कराकर उनसे प्रॉस्टीट्यूशन कराने का काम भी कराने की कोशिश में लगे हुए थे। मुझे ऐसा लगता है कि केरल की सरकार ऐसे लव जिहाद और ऐसे रेडिकल इस्लामिस्ट को सहयोग कर रही है तो हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियों को काम करना चाहिए। और अतिशीघ्र शरजील इमाम की पैरोल को कैंसिल करवाना चाहिए।
शरजील की सभाओं में फरमान की मौजूदगी की जांच हो
शरजील इमाम ने जहां बैठकर एनआरसी-सीएए के खिलाफ स्पीच दी है उस वीडियोज में फरमान की मौजूदगी को ढूंढ़ने की जरूरत है। क्योंकि मुझे और सनोज मिश्रा दोनों को यह संदेह है कि पीएफआई का इसमें बहुत बड़ा हाथ है और पीएफआई की फंडिंग है। जैसी छांगुर पीर के मामले में हमने मुस्लिम कंट्रीज की फंडिंग देखी थी।
मदरसे से कोई सभ्य इंसान नहीं निकल रहे
नाजिया ने कहा- ऐसा सूत्रों से पता चला है क्योंकि केरल में भी कुछ राष्ट्रभक्त लोग सनोज भैया के संपर्क में हैं, उन लोगों ने बताया है कि ऐसी कोई कार्रवाई चल रही है और चुटकियों में पासपोर्ट बनवा लेते हैं। लड़कियों तो पार्सल की ही जाती हैं। हम लोग जो इतनी किडनैपिंग के केस देखते हैं बच्चियां तो इधर से उधर कर ही रहे हैं ये लोग।
मदरसे में कोई सभ्य इंसान बनकर तो निकल नहीं रहा है। मदरसे में यही लव जिहाद वाले कठमुल्ले निकल रहे हैं। हम अपने देश की राष्ट्रपति जो ट्राइबल महिला हैं उनका हस्तक्षेप इस मामले में बहुत जरूरी है क्योंकि हम मोनालिसा को 35 टुकड़ों में नहीं पाना चाहते। हम मोनालिसा को जिंदा पाना चाहते हैं।

