कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति का चर्चित और विवादित चेहरा हुमायूं कबीर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्हें लेकर टीएमसी ने एक बड़ा दावा किया है। टीएमसी हुमायूं कबीर का एक कथित स्टिंग ऑपरेशन जारी कर उनपर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो जारी कर टीएमसी ने दावा किया है कि हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच करोड़ों की डील हुई है। टीएमसी ने इस मामले में पर जांच की मांग की है। टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी और हुमायूं कबीर के बीच 1000 करोड़ रूप की डील हुई है।
कुणाल घोष ने लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव के लिए बीजेपी ने 1000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। बीजेपी ने हुमायूं कबीर के जरिए मतुआ, हिंदुओं और मुसलमानों को बेवकूफ बनाने के लिए कुछ ‘बी टीम’ और ‘सी टीम’ बनाई है। हुमायूं कबीर ने पीएमओ का ज़िक्र किया है। हम इस मामले की जांच की ज़ोरदार मांग करते हैं क्योंकि यह पैसों से जुड़ा मामला है। हमें हुमायूं कबीर का एक वीडियो मिला है। इस वीडियो में वह दावा कर रहे हैं कि उन्हें 200 करोड़ रुपये एडवांस में मिले हैं और वह पीएमओ का भी ज़िक्र कर रहे हैं। पीएमओ का कौन सा अधिकारी इस साजिश में शामिल है? उनसे जरूर पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने सवाल पूछा कि इस मामले में ईडी चुप क्यों है?
ईडी से जांच कराने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी नेताओं ने कहा कि यह वीडियो बेहद गंभीर है। इससे बड़ी राजनीतिक डील की साजिश का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि इस डील में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और पीएमओ का भी जिक्र किया गया है। टीएमसी ने इस मामले की ईडी से जांच से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वित्तीय लेन-देन के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

