रेवाड़ी : रेवाड़ी में धारूहेड़ा के मालपुरा में रविवार एक कंपनी में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद फायरबिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कंपनी में गाड़ियों के सोकर बनाए जाते हैं। आग लगने से अभी तक किसी प्रकार के जानी नुकसान की सूचना नहीं है, परंतु कंपनी में लगी मशीन के साथ तैयार और कच्चा माल आग में जल गया।
पिछले एक महीनों में कंपनी में आग लगने की यह तीसरी घटना है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। फायरबिग्रेड की पांच गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पाया।

सूचना के बाद कंपनी की तरफ जाती फायर बिग्रेड की गाड़ी।
सुबह 8:30 बजे लगी आग
जानकारी के अनुसार दो मंजिला जिंदल इंजीनयरिंग में मोटरसाइकिल के सोकर बनाए जाते हैं। कंपनी के ग्राउंड फ्लोर पर सुबह करीब 8:30 अचानक आग लगी। जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैली और दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। आग ने ग्राउंड फ्लोर पर लगी मशीनों और दूसरी मंजिल पर रखें तैयार और कच्चे माले को अपनी चपेट में ले लिया। संयोग से वहां काम करने वाले सभी कर्मी सुरक्षित बच गए।

आग लगने के बाद सामान निकालते कर्मचारी।
5 गाड़ियों ने 1 घंटे में पाया काबू
धारूहेड़ा की सोकर कंपनी में लगी आग पर 5 गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्त के बाद काबू पाया। सहायक फायर ऑफिसर संजय कुमार ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे हमें सूचना मिली थी। सूचना के बाद फायरबिग्रेड की पांच गाड़ियों ने आग पर करीब एक घंटे में काबू पाया।
अब आग पूरी तरह से बुझ चुकी हैं। आग से किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। कंपनी में लगी मशीनों के साथ तैयार और कच्चा माल आग से जला है। प्रारंभिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है।
जानिए कब कहां लगी आग
19 मई की सुबह बावल के सेक्टर-5 की GSL केमिकल में आग लगी। आग से दो कर्मियों की जिंदा जलने और एक की झुलसने से मौत हो गई थी।
कंपनी में फंसे श्रमिकों के कंकाल करीब एक सप्ताह बाद मिले थे। 21 मई को झुलसे दो कर्मचारियों में से एक की मौत गुरुग्राम के अस्पताल में हुई थी।
19 मई की ही शाम को धारूहेड़ा के मालपुरा में इलेक्ट्रिक स्कूटी बनाने की कंपनी में आग लगी थी। आग से किसी प्रकार का जानी नुकसान तो नहीं हुआ था, परंतु लाखों रुपए की तैयार स्कूटी, बैटरी और सामान जलकर राख हो गया था।

