- मुंबई की रवे म्यूजिक कंपनी ने गीता के सभी 18 अध्याय के 700 श्लोकों को दोहा व चौपाइयों में संगीतबद्ध किया है
- वृंदावन के गीता शोध संस्थान में “गीता स्कंध” एल्बम का हुआ विमोचन
वृंदावन : संस्कृत भाषा के 18 अध्याय 700 श्लोकों में समाई हुई गीता को अब सरल हिन्दी में दोहा और चौपाइयों में संगीत पर सुना जा सकेगा। गीता शोध संस्थान एव॔ रासलीला अकादमी में संगीतमय एलबम “गीता स्कन्ध” का विमोचन किया गया।
गीता स्कन्ध का विमोचन कराने के लिए मुंबई से फिल्म निर्देशक लेखक रवि भाटिया, निर्माता योगेश त्रिपाठी व सीके अरोड़ा गीता शोध संस्थान वृंदावन पहुंचे। यह विमोचन लेखक व निर्देशक रवि भाटिया, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ उमेश चंद्र शर्मा, अवकाश प्राप्त जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ एस पी गोस्वामी, गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार, शोध समन्वयक डॉ रश्मि वर्मा आदि ने किया।
इस संबंध में फिल्म लेखक व निर्देशक श्री भाटिया ने बताया कि “गीता स्कन्ध” में संपूर्ण गीता को संस्कृत से हिंदी में अनुवाद कर उसे दोहा और चौपाइयों के रूप में परिवर्तित कर प्रस्तुत किया गया है। संगीतबद्ध गीता को सुनने से यह हर व्यक्ति की समझ में आयेगी। इसका लेखन डा. शशिकांत तिवारी ने दोहा व चौपाइयों के रूप में किया है। गीता की यह एलबम कई भाग में है।
इस अवसर पर लेखक व निर्देशन रवि भाटिया ने अपनी आने वाली फिल्म “बोलो हर-हर शंभू” के बारे में जानकारी दी। इसका फिल्मांकन इस समय लखनऊ, वाराणसी में चल रहा है। वृंदावन में भी फिल्मांकन होगा। वर्ष 2013 में आयी उनकी फिल्म “टू लिटिल इंडियन” को उत्तर प्रदेश सरकार ने टैक्स फ्री किया था। कई कामर्शियल फिल्मों का निर्देशन किया था।

