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Thu. Aug 27th, 2026

मानसरोवर जाने वाले दुर्गापुर के दंपति लापता, नेपाल में तबाही के बाद फोन की घंटी बज रही है, कोई उठा नहीं रहा

  • नेपाल में भीषण तबाही के बाद पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से गए पति-पत्नी का कोई अता-पता नहीं है, मौसुमी गंगोपाध्याय और अरिंदम गंगोपाध्याय से नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद से संपर्क टूट गया है

दुर्गापुर के कांकसा थाना क्षेत्र के बामुनारा तपोवन सिटी आवास के रहने वाले मौसुमी गंगोपाध्याय और अरिंदम गंगोपाध्याय से नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद से संपर्क टूट गया है। दोनों कैलाश मानसरोवर की यात्रा के उद्देश्य से इसी महीने की 21 तारीख को एक निजी संस्था के साथ रवाना हुए थे। उनकी योजना नेपाल के रास्ते मानसरोवर जाने की थी।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यात्रा पर रवाना होने के बाद लगातार 2 दिनों तक दंपति से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। फोन की घंटी तो बज रही थी, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नेपाल में भीषण आपदा की खबर सामने आने के बाद परिवार और पड़ोसियों की चिंता और बढ़ गई।

परिवार और पड़ोसी चिंतित

फिलहाल मौसुमी और अरिंदम से किसी भी तरह संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके लापता होने की खबर से परिवार और रिश्तेदारों में चिंता का माहौल है। वहीं, तपोवन सिटी इलाके में भी दंपति की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि दुर्गापुर से उक्त संस्था के साथ कुल 6 लोग यात्रा पर गए थे, जिनमें मौसुमी और अरिंदम भी शामिल हैं। नेपाल में मौजूदा हालात के बीच उनसे संपर्क टूट जाने से सभी उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं।

पड़ोसी ने बताया, “मौसुमी और अरिंदम को मानसरोवर घूमने के लिए नेपाल जाना था। मैंने उन्हें दो दिन पहले फोन किया था। फोन बजा, लेकिन वे रिसीव नहीं कर पाए। लेकिन नेपाल में हुई भयानक घटना के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। हम बहुत परेशान और बेचैन हैं।

नेपाल फ्लैश फ्लड में 160 से ज्यादा मौतें, 750 से ज्यादा लोग लापता

नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से ज्यादा लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत के 130 लोग लापता हैं। इनमें से अधिकतर मानसरोवर यात्रा पर गए थे। घटना के भयावह वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है और अगले ही पल मलबे के साथ आया पानी सब तबाह कर देता है। यह बाढ़ तिब्बत से शुरू हुई थी। इसने कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी पुल बहा दिए।

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