महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री के समर्थन में फिर से अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा- मुझे इस मुद्दे पर पॉलिटिकल वाइफ बनाकर ट्रोल किया जा रहा है, जबकि मैं पॉलिटिकल नहीं हूं। मैं एक सोशल एक्टिविस्ट और नागरिक के तौर पर अपनी राय रखती हूं।
अमृता ने बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से कहा- नवरात्रि और गरबा जैसे त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले हैं और इनमें जाति-धर्म का भेद नहीं होना चाहिए। पहचान पत्र जांचना बहुत अच्छी प्रैक्टिस है, लेकिन धर्म के आधार पर लोगों की जांच सही नहीं है।
इससे पहले अमृता ने मंगलवार को कहा था कि अगर मुस्लिम गरबा देखने आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। अमृता पहले भी अपने बयानों या विचारों को पति की राजनीति से अलग बताती रही हैं।
लव जिहाद पर बोलीं- सख्त कानून बनाए जा रहे
गरबा आयोजनों में ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आने के दावों पर अमृता ने कहा कि अगर ऐसा कोई मुद्दा है तो इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सख्त कानून बनाए जा रहे हैं और इससे भी कड़े कानून बनने चाहिए।
जरांगे को भाई बताया, घर पर खाने का न्योता दिया
मनोज जरांगे पाटील के बारे में पूछे जाने पर अमृता ने कहा- जरांगे पाटील जी मेरे भाई हैं और मैं उन्हें अपने घर पर खाना खाने के लिए बुलाती हूं।
जरांगे पिछले 13 दिनों से जालना के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। वह हैदराबाद और सातारा गजट के रिकॉर्ड लागू करने और पात्र मराठा लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र देने की मांग भी कर रहे हैं।

मनोज जरांगे अपनी मांगों को लेकर 13 दिन से भूख हड़ताल पर हैं।
CM फडणवीस बोले- बातचीत से निकलेगा समाधान
जरांगे के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि सरकार संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, वह करेगी। उन्होंने कहा था कि बातचीत के दरवाजे कभी बंद नहीं किए गए हैं और सरकार इसी रास्ते से समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
फडणवीस ने यह भी साफ किया था कि एक समुदाय के हिस्से का आरक्षण लेकर दूसरे समुदाय को नहीं दिया जाएगा।
VHP ने मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग की
अमृता का बयान ऐसे समय आया है, जब विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं देने की मांग की है। वीएचपी ने कहा है कि नवरात्रि देवी की पूजा का त्योहार है और इसे केवल मनोरंजन या नृत्य कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
महाराष्ट्र में इस साल नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी। VHP की मांग के बाद गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
नितेश राणे ने VHP की मांग का समर्थन किया
राज्य मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने वीएचपी के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ मुस्लिम युवक हिंदू नाम बताकर गरबा आयोजनों में प्रवेश करते हैं और हिंदू लड़कियों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।
राणे ने इसे ‘लव जिहाद’ का खतरा बताते हुए मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग की थी। उन्होंने गरबा मैदानों में प्रवेश से पहले पहचान जांचने और हनुमान चालीसा का पाठ कराने की बात भी कही थी।
विपक्ष ने कहा- अमृता सीएम को समझाएं
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत: अमृता फडणवीस के बयान का समर्थन किया। उन्होंने अमृता से कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल के उन नेताओं को भी समझाएं, जो इस तरह के बयान दे रहे हैं।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अमृता के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सभी को साथ लेकर चलने की उनकी सोच सही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर अमृता की राय यही है तो क्या वह मुख्यमंत्री से नितेश राणे को मंत्री पद से हटाने की मांग करेंगी।

