कोटा : कोटा में कोटड़ी नहर में नाव पलटने से डूबे चार युवकों के शव 18 घंटे बाद बुधवार सुबह निकाल लिए गए। चारों के शव घटना स्थल से करीब 100 मीटर दूर मिले।
NDRF और SDRF की टीमों ने आज सुबह 5:30 बजे दोबारा रेस्क्यू शुरू किया था। सबसे पहले विकास वर्मा उर्फ सुमन (22) और सूरज सिंह (22) के शव मिले।
इसके कुछ घंटे बाद स्थानीय मछुआरों, नाविकों और गोताखोरों ने यश जोशी उर्फ येशू (19) की बॉडी ढूंढ ली। फिर रेस्क्यू टीम ने राहुल जोशी (18) का शव भी निकाल लिया। यश और राहुल चचेरे भाई थे।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम 5:30 बजे हुए हादसे में 7 लोग बह गए थे। महिला, नाविक समेत तीन लोग जैसे-तैसे बाहर निकल आए थे। नहर में मंगलवार को ही पानी छोड़ा गया था।
हॉस्पिटल में मौजूद हैं परिजन
कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। हॉस्पिटल में मृतकों के परिजन मौजूद हैं।

दोनों चचेरे भाई थे।
गोताखोरों ने भी रेस्क्यू में मदद की
एडीएम विकास मल्होत्रा ने बताया कि चारों शव निकाल लिए गए हैं। कल (मंगलवार) शाम हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस की टीम रेस्क्यू कर रही थीं।
देर रात 10:30 बजे तक रेस्क्यू किया गया। आज सुबह दोबारा से रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय गोताखोरों ने भी रेस्क्यू में मदद की।
चौथे युवक की बॉडी भी निकाली
राहुल जोशी (18) का शव भी मिल गया है। राहुल की चार बहनें हैं।
पुलिस ने चारों युवकों के शव एमबीएस हॉस्पिटल भिजवा दिए हैं। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

बुधवार सुबह 5:30 बजे युवकों की तलाश के लिए SDRF की टीम पहुंची।

NDRF और SDRF की रेस्क्यू टीम नहर में युवकों की तलाश करती हुई।

