बुलंदशहर : बुलंदशहर के एडीएम न्यायिक भरतराम यादव की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मंगलवार रात 10 बजे लखनऊ के पीजीआई में अंतिम सांस ली। रविवार को बुलंदशहर में हार्ट अटैक के बाद उन्हें नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें ब्रेन हैमरेज भी हो गया था।
तबीयत में सुधार नहीं होने पर मंगलवार सुबह भरतराम यादव (57) को लखनऊ पीजीआई में शिफ्ट किया गया था। उन्हें एंबुलेंस से लाया गया था। हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मूलरूप से फैजाबाद के रहने वाले भरतराम बुलंदशहर में दो साल से तैनात थे।

यह तस्वीर 2015 की है। तत्कालीन मुख्य सचिव आलोक रंजन को भरत राम यादव बुके देते हुए।
दो साल पहले एसडीएम से एडीएम प्रमोट हुए
भरत राम यादव 2015 बैच के प्रमोटी पीसीएस अफसर थे। बुलंदशहर से पहले प्रतापगढ़ में एसडीएम थे। उनके परिवार में पत्नी विद्या देवी (55), दो बेटे हिमांशु यादव (26), सुधांशु यादव (22) है। हिमांशु सिविल इंजीनियर हैं, जिसका अयोध्या में बिजनेस है। छोटा बेटा सुधांशु यादव (22) सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। बड़ी बेटी डॉ. नम्रता यादव हैं , जो पेशे से डॉक्टर हैं। नम्रता की शादी 2020 में मथुरा के एसडीएम अवनीश कुमार यादव के साथ हुई थी।

