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जीएलए ने पतंजलि यूनिवर्सिटी और रिसर्च फाउंडेशन के साथ किया करार

  • अनुसंधान से लेकर आयुर्वेद और विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर जानकारी

मथुरा : आज विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने से लेकर रोजगार मुहैया कराने में महारत हासिल करने वाला जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा इन दिनों बेहतर शिक्षा में और चार चांद लगाने के अटूट प्रयास में है। इसी के चलते जीएलए ने पतंजलि यूनिवर्सिटी और पतंजलि रिसर्च फाउंडेषन, हरिद्वार उत्तराखंड के साथ करार किया है। इस करार से दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक लाभान्वित होंगे।

बीते दिनों जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग डा. दिवाकर भारद्वाज, फार्मेसी विभाग के निदेशक एरोकिया बाबू, बायोटेक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह और डिस्टींग्यूस्ड प्रोफेसर डाॅ. एचबी सिंह हरिद्वार पहुंचे। जहां उन्होंने पतंजलि यूनिवर्सिटी और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन का भ्रमण किया।

पतंजलि संस्थान के भ्रमण के दौरान जीएलए के पदाधिकारियों की एक बैठक पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण, भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एनपी सिंह, कुलसचिव डाॅ. प्रवीण पुनिया और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन की प्रमुख वैज्ञानिक डा. वेद प्रिया के साथ हुई। इस दौरान डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग डाॅ. दिवाकर भारद्वाज ने जीएलए द्वारा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि के बारे में बताते हुए कहा कि जीएलए को हाल ही में नैक से ए प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ है। पिछले पांच वर्षों से 86 प्रतिशत विद्यार्थियों को देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने में भी विश्वविद्यालय अग्रणी रहा है। इस उपलब्धि के बारे में जानकर सीईओ आचार्य बालकृष्ण काफी खुश नजर आये और उन्होंने जीएलए को बधाई दी।

बैठक के तत्पश्च्यात दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य करार हुआ। विश्वविद्यालयों के मध्य हुआ करार जीएलए के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह एवं पतंजलि यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डाॅ. प्रवीण पुनिया के साथ रिसर्च फाउंडेशन की प्रमुख वैज्ञानिक डाॅ. वेद प्रिया हस्ताक्षर के बाद प्रभावी हुआ। दोनों संस्थानों के मध्य हुए इस एमओयू में यमुना प्रोजेक्ट, ग्रामीण विकास, शिक्षक और छात्रों का आदान-प्रदान, संवलित रिसर्च कार्यक्रम शामिल है। साथ ही आयुर्वेद, योग एवं स्वास्थ्य शिक्षा से लेकर अनुसंधान के क्षेत्र में जीएलए के छात्रों और शिक्षकों को काफी लाभ मिलेंगे। साथ ही पतंजलि के विद्यार्थी और शिक्षक भी जीएलए पहुंचकर लाभान्वित होंगे। जीएलए के फार्मेसी, एग्रीकल्चर और बायोटेक के विद्यार्थी जल्द ही इंटर्नशिप के लिए पतंजलि पहुंचेंगे और एमफार्म और रिसर्च स्काॅलर करीब एक वर्ष के लिए वहां पहुंचकर रिसर्च करेंगे।

पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन के CEO आचार्य बालकृष्ण एवं प्रमुख वैज्ञानिक डाॅ. वेद प्रिया ने बताया कि रिसर्च फाउंडेशन प्रौद्योगिकी और नवाचार का सशक्त माध्यम है। फाउंडेशन में कई वैज्ञानिक नए-नए अनुसंधान को जन्म दे रहे हैं। आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में जो भी पतंजलि के प्रोडक्ट हैं उनमें रिसर्च फाउंडेशन का बहुत बड़ा योगदान है। यही वैज्ञानिक अब जीएलए पहुंचकर बीफार्म, एमफार्म, एग्रीकल्चर और बायोटेक के विद्यार्थियों को योग, आयुर्वेद, जैविक खेती के साथ वैज्ञानिक विधियों का उपयोग कर उनके उद्देष्यों से रूबरू करायेंगे।

इस एमओयू पर जीएलए के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, सीएफओ विवेक अग्रवाल, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, इंटरनेशनल रिलेशन एंड एकेडमिक कोलैबोरेशन के डीन प्रो. दिलीप कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष और शिक्षकों ने हर्ष जताया है।

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