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जीएलए: मैकेनिकल के छात्रों को मिल रही श्रेष्ठ शिक्षा और अनुसंधान के अवसर

  • 5 राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ विभाग कर चुका है एमओयू साइन

मथुरा : इस आधुनिक युग में हर चीज के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंस्टॉलेशन, ऑपरेशन और मेंटेनेंस में मैकेनिकल इंजीनियरों का अहम रोल है। इसी कारण मैकेनिकल इंजीनियरिंग युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय कॅरियर बनते जा रहा है। बढ़ती लोकप्रियता को देख पिछले कुछ वर्षों में जीएलए विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने भी अपने आपको परिवर्तित कर सर्वश्रेष्ठ शिक्षा, श्रेष्ठ रोजगार और आधुनिक अनुसंधान के अवसर दिए हैं।

जीएलए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने अपने आपको परिवर्तित करते हुए सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देने के लिए राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों एमएसएमई प्रौद्योगिकी विकास केन्द्र आगरा, आकृति डिजाइंस फरीदाबाद, एलीट टेक्नो ग्रुप जयपुर, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान फरीदाबाद, ब्राजील की फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्रांडे डोसुल के साथ हाथ मिलाया। इसके अलावा विभाग ने विद्यार्थियों को नए अनुसंधान के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग में ही माइक्रो नैनो विकास अनुसंधान केन्द्र, सौर ऊर्जा अनुसंधान केन्द्र, ऑटोमोबाइल केन्द्र, स्वचालन केन्द्र को आधुनिकता प्रदान की।
माइक्रो नैनो और सौर ऊर्जा जैसे केन्द्रों के माध्यम से विभागीय शिक्षक और विद्यार्थी 6 से अधिक पेटेंट ग्रांट तथा 12 से अधिक पेटेंट पब्लिश कराने में सफल रहे। इसके अलावा वर्तमान में भी कई प्रोजेक्टों पर शिक्षक और विद्यार्थी अनुसंधान करने में जुटे हुए हैं, जिनके परिणाम आगामी समय में सामने आयेंगे, जो कि देशहित में कारगर साबित होंगे।

विभागीय उपलब्धि पर विभागाध्यक्ष प्रो. पियूष सिंघल कहते हैं कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग को जितनी आधुनिकता के साथ तैयार किया गया, उसके परिणाम भी बेहतर तरीके से सामने आये। सत्र 2022-23 में टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियरिंग, अडानी ग्रुप, एफकोन, होंडा, इस्जैक, एफएम इंडिया सप्लाई चेन, वोल्टास, यूनो मिंडा, किओन इंडिया, वीका ग्रुप, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, एसीएमई इंडिया, संधार टेक्नोलाॅजी, एसएमएस गु्रप, एफकाॅंस, यूनिवर्सल मैप प्रोजेक्ट सहित कई कंपनियों में 122 छात्रों ने 5 से 7 लाख और उससे अधिक के पैकेज पर रोजगार हासिल किया। इनमें से ही 12 से अधिक छात्र ऐसे रहे, जिन्हें एक से अधिक कंपनियों ने जाॅब ऑफर किए।

डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने बताया कि देश-विदेश में वायु प्रदूषण को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा दिग्गज कंपनियों में मैकेनिकल इंजीनियरों की आवश्यकताएं बढ़ी हैं। हर प्रकार की मशीन को आधुनिकता के साथ तैयार करने और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनियों ने भी अपने दरवाजे खोले हैं। मैकेनिकल की बढ़ती लोकप्रियता अगर किसी से जाननी है, तो विभाग अल्यूमनाई से बेहतर कोई नहीं बयां कर सकता। विभाग के अल्यूमिनाई आज देश-विदेश में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों में उच्च पदों पर आसीन हैं।

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