प्रयागराज : प्रयागराज की फैमली कोर्ट में आज ज्योति मौर्या के तलाक मामले में सुनवाई होनी थी। मगर, पीठासीन अधिकारी के ट्रेनिंग पर जाने की वजह से सुनवाई नहीं हुई। साथ ही ज्योति और आलोक दोनों ही गैरहाजिर रहे। गैरहाजिरी का माफीनामा ज्योति मौर्य और आलोक मौर्य के वकील की तरफ से कोर्ट में दाखिल किया गया है।
अब मामले में कोर्ट ने सुनवाई के लिए 22 सिंतबर की तारीख तय की है। इससे पहले 11 जुलाई को सुनवाई के दौरान ज्योति कोर्ट में उपस्थित नहीं हुई थी। उन्होंने कोर्ट में छुट्टी न मिलने की वजह बताई थी। इसके बाद कोर्ट ने 18 अगस्त की तारीख तय की थी।
क्या है ज्योति और आलोक मौर्या का विवाद
आलोक मौर्य और ज्योति मौर्या की साल 2010 में शादी हुई थी। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। इसके बाद उन्होंने ज्योति की पढ़ाई करवाई। साल 2015 में ज्योति का चयन SDM पद पर हो गया। लोक सेवा आयोग से महिलाओं में ज्योति की तीसरी रैंक और ऑल ओवर 16वीं रैंक थी। सभी बहुत खुश थे। 2015 में जुड़वां बच्चियां हुईं। 2020 तक सब कुछ ठीक ठाक चला। इसके बाद ज्योति मौर्या की लाइफ में मनीष दुबे की एंट्री होती है।
प्रयागराज के रहने वाले PCS ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्या ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी PCS अधिकारी हैं। साल 2020 से जिला कमांडेंट मनीष दुबे के संपर्क में हैं। अब दोनों मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। आलोक ने अपने शिकायती पत्र के साथ मोबाइल फोन और वाट्सएप पर की गई चैट भी सार्वजनिक की थी।

