Breaking
Wed. Feb 18th, 2026

MP Budget 2026: 1 अप्रैल से MP में लागू होगी परिवार पेंशन, नियम में बड़ा बदलाव; बजट में दी जानकारी

  • मध्यप्रदेश सरकार ने इस बार बजट में GYANII पर विशेष फोकस किया है

मध्य प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज मोहन सरकार का तीसरा बजट पेश किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट की राशि 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रूपये है। इस बजट को सरकार ने GYANII के स्वरूप में की गई है। जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रचक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन पर विशेष ध्यान रखा गया।

1 अप्रैल से प्रभावशील रहेगा नियम

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि सरकार ने परिवार पेंशन की पात्रता अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा पुत्री को भी प्रदान की है। पेंशन सम्बन्धी समस्त कार्यवाहियों में मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम कर इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के माध्यम से केन्द्रीकृत पेंशन व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होगा।

मोहन सरकार कैबिनेट के द्वारा लिए गए फैसले से तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के परिवारजनों को पेंशन योजना के प्रावधान में किए गए बदलाव का फायदा मिलेगा। बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया था कि कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 का अनुमोदन किया है। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।

ये होगा प्रावधान

जिन कर्मचारियों को पेंशन मिल रही है। उनकी मृत्यु होने की स्थिति में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। जिसमें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान किया गया है। साथ ही केन्द्र तथा मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़ा जाएगा। निलंबन अवधि में अभिदाता औक नियोक्‍ता के अंशदान का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत अंशदान की दर, गणना एवं विलंब की स्थिति का उत्तरदायित्व निर्धारण के साथ सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र एवं मृत्यु की दशा में निकास प्रावधान किया गया है।

अगर विभागीय जांच के दौरान कर्मचारी के अंशदान का भुगतान रोका जाना है। रिटायरमेंट के तीन महीने पहले अभिदाता अंशदान रोका जाना और रिटायरमेंट के दौरान विभागीय जांच संस्थित किए जाने का प्रावधान के साथ नियमों के निवर्तन और छूट के संबंध में राज्य शासन की शक्ति का प्रावधान शामिल है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *