वाशिंगटन : दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क चांद पर AI सैटेलाइट फैक्ट्री लगाएंगे। मस्क ने बताया कि वे इसके जरिए सूरज की ऊर्जा कैप्चर करना चाहते हैं। मस्क ने अपनी AI कंपनी XAI की इंटरनल मीटिंग का 45 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ये जानकारी सामने आई है।
सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल
मस्क ने कहा अगर हम आज की मानव सभ्यता की ऊर्जा खपत को देखें, तो हम पृथ्वी की संभावित ऊर्जा का केवल 1% हिस्सा ही इस्तेमाल कर रहे हैं।
अगर हम सूरज की कुल ऊर्जा का 10 लाखवां हिस्सा भी हासिल कर लें, तो वह आज की सभ्यता द्वारा उपयोग की जाने वाली ऊर्जा से करीब 10 लाख गुना ज्यादा होगी।
सूरज हमारे सौर मंडल के कुल द्रव्यमान का 99.8% है। अगर हमें सूरज की ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है, तो हमें पृथ्वी की सीमा से बाहर निकलना ही होगा।
‘मास ड्राइवर’ से डीप स्पेस में चांद से लॉन्च होंगे सैटेलाइट्स
हमारा अगला कदम ‘अर्थ ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स’ है। हम स्पेसएक्स की मदद से हर साल 100 से 200 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर्स अंतरिक्ष में लॉन्च करेंगे।
उन्होंने कहा अगर हमें 1 टेरावॉट से भी आगे जाना है, तो चांद पर जाना होगा। मस्क ने बताया वे चांद पर ऐसी फैक्ट्रियां बनाएंगे जो एआई सैटेलाइट्स तैयार करेंगी।
वहां एक ‘मास ड्राइवर’ भी लगाया जाएगा। यह चांद से एआई सैटेलाइट्स को सीधे डीप स्पेस में लॉन्च करेगा। इससे हम सूरज की ऊर्जा के कुछ प्रतिशत हिस्से तक पहुंच पाएंगे।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्चर चांद से सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में छोड़ेगा।
पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे
मस्क का विजन असल में ‘डाइसन स्फीयर’ के कॉन्सेप्ट पर आधारित है। यह एक ऐसा विशाल ढांचा होता है जो ऊर्जा को कैप्चर करने के लिए पूरे सूरज को चारों तरफ से ढक लेता है।
मस्क चांद पर ‘मास ड्राइवर’ के जरिए जो एआई सैटेलाइट्स भेजेंगे, वे धीरे-धीरे सूरज के चारों ओर ऐसा ही एक जाल या घेरा बनाएंगे। इससे हमारे पास इतनी बिजली होगी कि हम पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे और बड़े से बड़े स्पेसशिप चला सकेंगे।

‘डाइसन स्फीयर’ एक मेगास्ट्रक्चर है, जिसे किसी तारे (जैसे सूरज) के चारों ओर उसकी ऊर्जा का पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए बनाया जा सकता है।
फाउंडिंग टीम के 12 मेंबर्स में से 6 को निकाला
मीटिंग में मस्क ने बताया कि कंपनी से कई पुराने कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। इसमें कंपनी की शुरुआत करने वाली फाउंडिंग टीम के सदस्य भी शामिल हैं।
xAI की शुरुआत करने वाले 12 मुख्य सदस्यों में से अब केवल आधे ही मस्क के साथ बचे हैं। मस्क ने इसे कंपनी के ‘ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर’ में बदलाव का नाम दिया है।
चार टीमों में बंटी xAI, ‘मैक्रोहार्ड’ प्रोजेक्ट सबसे खास
- ग्रोक टीम: यह चैटबॉट और वॉयस फीचर्स पर काम करेगी।
- कोडिंग टीम: एप के सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए।
- इमेजिन टीम: यह वीडियो जेनरेशन टूल पर फोकस करेगी।
- मैक्रोहार्ड प्रोजेक्ट: यह कंप्यूटर सिम्युलेशन से लेकर पूरी कंपनियों की मॉडलिंग करेगी। इसका लक्ष्य एआई के जरिए रॉकेट इंजन तक डिजाइन करना है।

