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चैत्र नवरात्रि : उपासना के लिए मंदिर सजे, यह ध्यान रखें

मथुरा : हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के इन पावन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा धरती पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। माँ की उपासना के लिए मंदिर सज-धजकर तैयार हैं। बुधवार से दुर्गा मंदिरों में घंटे घड़ियाल सुमधुर आवाज़ सुनाई देगी।

वैदिक पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 मार्च रात को 10 बजकर 52 मिनट से होगी। साथ ही इसका अंत अगले दिन 22 मार्च को रात 8 बजकर 21 मिनट पर होगा। चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 06 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस समय कलश स्थापित कर सकते हैं।

110 साल बाद बन रहा शुभ संयोग
डा0 आशीष शर्मा – कोविद- ज्योतिष् रत्न ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस साल मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आ रही हैं। जिसे सुख-समृद्धि कारक कहा जाता है। वहीं इस साल 110 साल बाद शुभ योग बन रहा है। क्योंकि इस बार नवदुर्गा पूरे 9 दिन की रहेंगी। वहीं प्रतिपदा के दिन 5 राजयोग (नीचभंग, बुधादित्य, गजकेसरी, हंस और शश) बन रहे हैं।

सात्विकता रखें

नवरात्रि में पूरी तरह से सात्विकता का पालन करें। प्याज और लहसून का सेवन भूलकर न करें। नवरात्रि के दिनों में इन्हें घर में नहीं लाना चाहिए। इन चीजों से माता रुष्ट हो जाती हैं. माना जाता है कि ये चीजें मानसिक थकान का कारण भी बनती हैं। इसलिए 9 दिनों तक सात्विक भोजन करना चाहिए।

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