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Wed. Apr 1st, 2026

जीएलए : स्पंदन में रैंप पर बिखरे लोक संस्कृति के रंग

  • जीएलए में दो दिवसीय ‘स्पंदन‘ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसपी ने किया शुभारम्भ

दैनिक उजाला, मथुरा : भारतीय संस्कृति की नींव परम्पराओं पर टिकी हुई है। हमारी सभ्यता का सुंदरतम रुप है समाज, जो परिवार नामक छोटी-छोटी इकाइयों से बनी होती है। ऐसी परंपराओं का बेहतर तरीके से निर्वहन करने के लिए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने अपने वार्षिकोत्सव में संस्कृति के रंग उकेरने के लिए दो दिवसीय ‘स्पंदन‘ कार्यक्रम का आयोजन किया। अवसर मिला तो विद्यार्थियों ने देश की संस्कृति को रैंप पर अपनी कलाकृति से बिखेरा।

दो दिवसीय स्पंदन कार्यक्रम का षुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत गणेशीलाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को हमेशां आगे बढ़कर खेलने की सलाह दी। बैकफुट पर खेलने की बात को नकारते हुए एसएसपी ने कहा कि जो छात्र बैकफुट पर रहते हैं वह कभी भी किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने में कामयाब नहीं होंगे। वर्तमान समय में कॉम्पटीशन का दौर है, चाहे वह कोई भी क्षेत्र क्यों न हो। पढ़ाई से लेकर, खेल, रोजगार, उद्यमिता, मैकेनिज्म आदि क्षेत्रों में जबरदस्त कॉम्पटीशन है। ऐसे में आगे बढ़ने के लिए कठोर और श्रेष्ठ मेहनत की जरूरत है। ऐसे में सफलता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को साथियों के साथ मिलकर चलने की जरूरत है। कोई विद्यार्थी अगर अकेला आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो, उसे खुद कमियां नजर नहीं आयेंगी। इसलिए एक बेहतर टीम तैयार कर साथ-साथ अध्ययन करें। प्रत्येक कॉम्पटीशन की तैयारी के दौरान अपने अनुभव साझा करें। टीम होगी तो गलतियां भी देखने को मिलेंगी और उसके अच्छे परिणाम भी सामने आयेंगे। टीम से हमेशां प्लानिंग और आर्गेनाइजिंग सीखने को मिलती है।

आगे उन्होंने विद्यार्थियों को अकबर और बीरबल का उदाहरण बताया तथा अभिप्रेरक वक्ता संदीप माहेश्वरी के बारे में बात की। ऐसे कई उदाहरण और अपने अनुभव साझा करते हुए अंत में एसएसपी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि ब्रज भूमि पर बसे जाने-माने विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद पर गर्व महसूस होता है कि वह भी ईश्वर की कृपा से ब्रज भूमि में अपनी सेवाएं ब्रजवासियों के लिए दे रहे हैं। इसलिए शिक्षा के साथ-साथ ऐसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के प्रतिभाग करने से पर्सनालिटी के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं।

सीईओ नीरज अग्रवाल ने कहानी और शेरो-शायरी के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में शिक्षा ग्रहण करने का कोई अंत नहीं है। इसे चाहे जितना हासिल कर लो, लेकिन शिक्षा के साथ-साथ जिंदगी के हर लम्हे को बेहतर ढंग से संजोने के लिए स्पंदन जैसे कार्यक्रम में प्रतिभाग करना आवश्यक है। एक-दो दिन नहीं बल्कि विद्यार्थी के जीवन में हर दिन ‘स्पंदन‘ होना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट की दुनियां विद्यार्थियों का इंतजार कर रही है, इसलिए हर पल-हर समय तैयारी की जरूरत है। आंख बंद कर कभी भी आगे नहीं बढ़ा जा सकता। आखें खोलिए और कॉरपोरेट क्षेत्र में अपना वर्चस्व लहराने के लिए तैयारी में जुटिये।

कार्यक्रम की शुरुआत से पूर्व मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय का स्वागत कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने बुके भेंट कर किया। कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह् भेंट किया।

स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डा. हिमांशु शर्मा ने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम में भारत देश की लोक संस्कृति विद्यार्थी जीवन में उकेरने के लिए में विश्वविद्यालय ने कलर्स ऑफ इंडिया, बेटल ऑफ बैंड, फैशन शो, नितिन कुमार परफार्मेंस, डीजे नाइट, सिंगिग कॉम्पटीशन, कृतिकला एंड ब्रश्स्टरोक, मास्टर चीफ, ड्रामा कॉम्पटीशन, बेटल ऑफ डांस, नेल आर्ट मेंहदी, सांझ परफार्मेंस, सेलिब्रिटी नाइट आदि कार्यक्रम आयोजित होंगे।

डा. हिमांशु ने कार्यक्रम की सफलता पर विभागीय के विभागाध्यक्ष, चीफ वार्डन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी प्रियांश एवं आंचल ने किया।

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