
धर्मेंद्र: बॉलीवुड में अपने समय के सुपरस्टार रहे धर्मेंद्र ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। 24 नवंबर को उनका निधन हो गया और लंबी बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। धर्मेंद्र के निधन को बॉलीवुड में साल 2025 का सबसे बड़ा लॉस भी बताया गया है। 70 के दशक में सुपरस्टार रहे धर्मेंद्र की दीवानगी उनकी अंतिम सांस तक रही और उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ साल 2026 की रिलीज होने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म बनेगी। इक्कीस फिल्म 1 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है।

असरानी: 20 अक्तूबर को असरानी ने 84 साल की उम्र में मुंबई में अपनी अंतिम सांस ली। अपने करियर में 471 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले असरानी ने अपनी एक्टिंग से ऐसा दीवाना बनाया था कि तीन पीढ़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाई थी। असरानी के निधन ने पूरे सिनेमा जगत को एक बड़ा झटका दिया था। मौत के बाद भी असरानी की 8 फिल्में रिलीज के लिए पाइपलाइन में हैं। अपने निधन से कुछ समय पहले तक असरानी खूब मौज में रहते थे और लोगों को हंसाया करते थे। बीते कुछ समय पहले ही कपिल शर्मा शो में उन्होंने ऐसा मजमा लगाया था कि लोग दीवाने हो गए थे। अंतिम सांस तक काम करते रहे असरानी के निधन को भी बॉलीवुड को एक बड़ा झटका लगा था।

पियूष पांडे: बॉलीवुड के राइटर और डायरेक्टर पियूष पांडे को विज्ञापन की दुनिया पिता कहा जाता था। साल 2025 में 23 अक्तूबर को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी कहानियां हमेशा के लिए उनकी याद दिलाती रहेंगी। केडवरी से लेकर फेविकॉल तक ऐसे कई विज्ञापन हैं जिसकी कहानियां लोगों की जुबान पर चढ़ती रहती हैं। पियूष को भी हमेशा ये दुनिया याद करती रहेगी।

सुलक्ष्णा पंडित: बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर सुलक्ष्णा पंडित ने भी 6 नवंबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके गानों ने करीब 3 दशक फिल्मी दुनिया पर राज किया और उनकी आवाज गूंजती रही। 71 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। लेकिन उनके गाने और मीठी आवाज हमेशा उनकी मौजूदगी की याद दिलाती रहेगी।

सतीश शाह: अपने कॉमिक किरदारों और अनोखे अंदाज के लिए पॉपुलर रहे सतीश शाह ने भी इस साल 2025 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। दर्जनों किरदारों के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले सतीश शाह को लोग आज भी याद करते हैं। उन्होंने 25 अक्तूबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। लेकिन उनकी फिल्मों के किरदारों को लोग आज भी पसंद करते हैं और उनके जाने का दुख मनाते हैं।

