Breaking
Fri. Feb 13th, 2026

इकलौता बेटा देश के लिए शहीद: 4 साल के बेटे ने दी शहीद को मुखाग्नि

चुरू : राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर के निकटवर्ती गांव लम्बोर बड़ी निवासी भारतीय सेना के 28 वर्षीय शहीद जवान हवलदार योगेश जणावा का सोमवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। भारतीय सेना की ओर से मातमी धुन बजाकर शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया। हवा में सात राउंड गोलियां चलाकर एवं शस्त्र उल्टा कर शहीद को अंतिम सलामी दी गई। शहीद को मुखाग्नि शहीद के 4 वर्षीय पुत्र हरदीप ने दी।

शहीद की बहन बबीता का रो रो के हाल बुरा था। वहीं पत्नी बेसुध हो गई। माता-पिता का हाल बेहाल था। शहीद का 4 वर्षीय पुत्र, 9 माह की नवजात पुत्री अपने पिता तथा वीरांगना सुदेश अपने पति के अंतिम दर्शन के लिए आई तो उपस्थित लोगों की आंख नम हो गई। शहीद की अंतिम यात्रा में गांव का हर व्यक्ति सहित आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों उपस्थित थे। अंतिम यात्रा जैसे ही रवाना हुई तो समूचा गांव भारत जिंदाबाद तथा शहीद योगेश अमर रहे के नारों से गूंज उठा।

इससे पहले, देशभक्ति तरानों के बीच सेना के ट्रक में योगेश की पार्थिव देह तिरंगा यात्रा के रूप में सादुलपुर शहीद स्मारक से लम्बोर बड़ी गांव पहुंची। रास्ते में लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने लाडले को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिपक्ष उप नेता राजेंद्र राठौड़, सड़क परिवहन मंत्री विजेंद्र ओला और विधायक डॉ कृष्णा पूनिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद योगेश अपनी बेटी के जन्म पर लगभग आठ माह पूर्व गांव आए थे। उन्होंने शनिवार को फोन पर घर में बात भी की थी लेकिन रात्रि को आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए वे वीरगति को प्राप्त हो गए थे । शहीद योगेश अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। एक बहन बबीता है जो शादीशुदा है। शहीद योगेश वर्ष 2013 में लगभग नो वर्ष पहले भारतीय सेवा में भर्ती हुए थे। शहीद एक चार वर्षीय पुत्र हरदीप है तथा तथा 9 माह की नवजात पुत्री निशा है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *